बाराबंकी | राजधानी लखनऊ में हाल ही में कोचिंग लाइब्रेरी में लगी भीषण आग की घटना की चर्चा अभी थमी भी नहीं थी कि अब बाराबंकी से एक और बड़े अग्निकांड की खबर सामने आई है। अयोध्या रोड स्थित लखपेड़ाबाग इलाके में फाउंडेशन स्कूल के पास स्थित जय दुर्गा ऑटोमोबाइल की दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि आसमान में उठता काले धुएं का गुबार करीब पांच किलोमीटर दूर तक दिखाई देने लगा। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दुकान के भीतर बड़ी मात्रा में मोबिल ऑयल, ग्रीस और पैकिंग सामग्री का भंडारण किया गया था। आग लगते ही इन ज्वलनशील वस्तुओं ने तेजी से आग को फैलाया, जिससे देखते ही देखते पूरी दुकान आग की चपेट में आ गई। धुएं के घने गुबार के कारण आसपास के लोगों में भी भय का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने लगातार प्रयास करते हुए आग को फैलने से रोकने और उस पर काबू पाने की कार्रवाई शुरू की। आग की भयावहता को देखते हुए आसपास के लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई।
घटना के दौरान सामने आई सबसे चिंताजनक बात यह रही कि दुकान में आग से बचाव के लिए न तो कोई फायर सेफ्टी सिस्टम मौजूद था और न ही प्राथमिक अग्निशमन उपकरण उपलब्ध थे। ऐसे में आग लगने के बाद शुरुआती स्तर पर उसे नियंत्रित करने का कोई साधन नहीं था, जिससे नुकसान बढ़ने की आशंका और अधिक हो गई।
यह स्थिति एक बार फिर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञ लगातार यह कहते रहे हैं कि ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण करने वाले प्रतिष्ठानों में अग्निशमन व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए, लेकिन कई स्थानों पर नियमों की अनदेखी देखने को मिलती है।
कुछ दिन पहले लखनऊ की एक कोचिंग लाइब्रेरी में लगी भीषण आग ने भी सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल खड़े किए थे। अब बाराबंकी की यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि क्या व्यापारिक प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी नियमों का पालन केवल औपचारिकता बनकर रह गया है।
फिलहाल आग लगने के कारणों का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं हुआ है। संबंधित विभाग घटना की जांच में जुटा है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग किन परिस्थितियों में लगी और कहीं सुरक्षा मानकों की अनदेखी इस हादसे की बड़ी वजह तो नहीं बनी।
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