महाराष्ट्र में भाषा विवाद पर छात्र की मौत पर स्पीकर नार्वेकर बोले महाराष्ट्र की एकता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

Maharashtra News: महाराष्ट्र में भाषा विवाद के कारण एक 19 वर्षीय छात्र की आत्महत्या ने पूरे राज्य को गहरे सदमे में डाल दिया है। विविधता और बहुभाषिक संस्कृति के लिए पहचान रखने वाले इस प्रदेश में भाषा के आधार पर बढ़ती असहिष्णुता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी घटना पर चिंता जताते हुए महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर ने स्पष्ट संदेश दिया है कि राज्य की एकता और सामाजिक सौहार्द के खिलाफ किसी भी प्रकार का भेदभाव या हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


>महाराष्ट्र में भाषा विवाद के कारण एक 19 वर्षीय छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। यह संवेदनशील मुद्दा न केवल समाज की विफलताओं को दर्शाता है, बल्कि भाषा के नाम पर बढ़ती कटुता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। इसी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर ने दुख व्यक्त किया और राज्य की एकता पर चोट पहुंचाने वाली किसी भी घटना को सख्ती से नकारा।


>रविवार को मुंबई में आयोजित 8वीं डब्ल्यूएनसी नेवी हाफ मैराथन में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान नार्वेकर ने इस दुखद मामले पर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि भाषा, जाति या धर्म के आधार पर हिंसा किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है और यह महाराष्ट्र की गहरी जड़ों वाली सामाजिक एकता के खिलाफ है।


>स्पीकर नार्वेकर ने कहा, मुझे पूरा भरोसा है कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। भाषा के आधार पर हिंसा या भेदभाव महाराष्ट्र की परंपरा नहीं है। उनका यह बयान उस समय आया जब कल्याण में एक छात्र ने लोकल ट्रेन में मराठी की बजाय हिंदी में बात करने पर कथित तौर पर परेशान किए जाने के बाद आत्महत्या कर ली। छात्र के पिता ने आरोप लगाया कि ट्रेन में कुछ लोगों ने उनके बेटे को लगातार अपमानित किया और उस पर हमला भी किया, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गया।


>नार्वेकर ने स्पष्ट तौर पर कहा कि राजनीतिक दलों को इस तरह की घटनाओं को हवा देने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाषा आधारित राजनीति महाराष्ट्र की पहचान नहीं है और इस तरह की गतिविधियां देश की एकता को कमजोर करती हैं। उन्होंने कहा, राजनीतिक लाभ के लिए भाषा के मुद्दे को भड़काना बेहद दुखद है। महाराष्ट्र ने हमेशा विविधता को अपनाया है, और इसे नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी प्रवृत्ति को मंजूर नहीं किया जाएगा।


>स्पीकर ने टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर के हाल ही में दिए गए ‘बाबरी मस्जिद’ संबंधित बयान पर भी नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि संवेदनशील मुद्दों पर राजनीतिक परिस्थिति के मुताबिक बयान देना देशहित के साथ समझौता है। नार्वेकर ने कहा, भारत को एक समान दृष्टि से देखने की जरूरत है। देश की महानता पर राजनीतिक उद्देश्यों के लिए सौदेबाज़ी नहीं होनी चाहिए।


 

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