मुरादाबाद में 25 एमएलडी क्षमता वाला नया एसटीपी हुआ शुरू

UP News: नमामि गंगे मिशन के तहत मुरादाबाद में 25 एमएलडी क्षमता वाला आधुनिक एसटीपी संचालन में आया। उत्तराखंड में भी नई परियोजनाएँ शुरू हुईं, कुल सीवेज शोधन क्षमता 3,805 एमएलडी पहुंची।


>नमामि गंगे मिशन के तहत उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में 25 एमएलडी क्षमता वाला नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट / एसटीपी संचालन में आ गया है। यह संयंत्र गंगा और उसकी सहायक नदियों में जाने वाले अपशिष्ट को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


>149.23 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह परियोजना नमामि गंगे फेज़-II के अंतर्गत एसबीआर तकनीक से तैयार की गई है, जो राष्ट्रीय हरित अधिकरण / एनजीटी मानकों के अनुरूप अपशिष्ट जल शोधन सुनिश्चित करती है। हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल / एचएएम के अंतर्गत सरकार और निजी साझेदारी से निर्मित इस एसटीपी के शुरू होने से नमामि गंगे कार्यक्रम की कुल क्षमता 168 एसटीपी के माध्यम से 3,805 एमएलडी तक पहुंच गई है।


>उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर में भी 223.43 करोड़ रुपये की लागत वाली सीवेज प्रबंधन परियोजना का संचालन शुरू हो चुका है। इसके तहत बची हुई 10.30 एमएलडी क्षमता लॉन्च होने के बाद जिले की कुल क्षमता 30.3 एमएलडी हो गई है। इन एसटीपी में JOHKASOU और एसबीआर तकनीक का उपयोग किया गया है। परियोजना डीबीओटी मॉडल पर आधारित है और इससे लगभग एक लाख लोगों को लाभ मिलेगा।


>इस वर्ष उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में चार बड़े एसटीपी प्रोजेक्ट शुरू हुए हैं, जिससे गंगा बेसिन में आधुनिक शोधन क्षमता और मजबूत हुई है।


 

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