>नेपाल में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन के चलते देश की राजनीतिक स्थिरता हिल गई है। प्रदर्शनकारियों की हिंसा ने अब तक 19 लोगों की जान ले ली है, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। इस गहराते संकट के बीच नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अपनी जगह खाली कर दी है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि वे तत्काल नेपाल की यात्रा स्थगित करें और जो पहले से नेपाल में हैं, वे सुरक्षित स्थान पर ही रहें।
>MEA ने काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के माध्यम से आवश्यक सुरक्षा निर्देश जारी करते हुए नागरिकों से सड़कों पर न निकलने, सुरक्षा नियमों का पालन करने और संकट की स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने की अपील की है।
>+977–980 860 2881 (व्हाट्सएप्प भी)
+977–981 032 6134 (व्हाट्सएप्प भी)
>विदेश मंत्रालय के अनुसार, "हम नेपाल में हो रही घटनाओं की गहराई से निगरानी कर रहे हैं। पीड़ित परिवारों के प्रति हमारी संवेदना है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।" प्रधानमंत्री ओली ने राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल को इस्तीफा सौंपते हुए राजनीतिक समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की बात कही। ओली का कहना था कि हिंसा देशहित में नहीं है और विभिन्न स्वार्थी केंद्रों द्वारा उकसावे से स्थिति बिगड़ी है। इस संकट के बीच सेना ने नागरिकों से संयम बरतने की अपील की है।
>यह संकट नेपाल में दशकों में सबसे बड़े राजनीतिक अशांति के रूप में उभरा है। सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के विरोध में शुरू हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन हिंसक संघर्ष में बदल गए। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए, पुलिस पर पत्थरबाजी की, और नेताओं के घरों को आग के हवाले किया। काठमांडू का त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया।
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