29 रुपये बढ़ने के बाद भी नहीं मिली राहत, एलपीजी सिलेंडर की फिर बढ़ने वाली है कीमत - सरकार ने दिए संकेत

हालिया बढ़ोतरी के बाद सरकार ने संकेत दिए कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर घरेलू एलपीजी कीमतों पर जारी रह सकता है

 

घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में हाल ही में हुई बढ़ोतरी के बाद उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से आए ताजा संकेतों ने आने वाले समय में कीमतों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि वैश्विक स्तर पर पैदा हुए हालात, सप्लाई चेन पर बढ़ते दबाव और परिवहन लागत में वृद्धि का असर गैस की कीमतों पर पड़ रहा है, जिसके चलते आगे भी दामों पर दबाव बना रह सकता है। सरकार का यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में भी वृद्धि दर्ज की गई थी।

 

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गैस कीमतों में संभावित बढ़ोतरी के पीछे वैश्विक परिस्थितियों को प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में चल रहे संकटों का असर ऊर्जा क्षेत्र पर दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार, विभिन्न क्षेत्रों में तनाव और सप्लाई चेन में बाधाओं के कारण एलपीजी की उपलब्धता प्रभावित हुई है। इसके साथ ही माल ढुलाई और ट्रांसशिपमेंट से जुड़ी चुनौतियों ने लागत बढ़ा दी है, जिसका असर अंतिम कीमतों पर पड़ रहा है।

 

सरकार के अनुसार, एलपीजी की आपूर्ति पहले की तुलना में अधिक जटिल और महंगी हो गई है। मंत्री ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस की उपलब्धता सीमित हो रही है और कई क्षेत्रों में सप्लाई प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि गैस के परिवहन में लगने वाला समय बढ़ गया है। जहां पहले सामान की आपूर्ति अपेक्षाकृत कम समय में हो जाती थी, वहीं अब कई मामलों में माल को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में 40 से 45 दिन तक का समय लग रहा है। लंबे ट्रांजिट समय के कारण बीमा लागत में भी वृद्धि हुई है। इसके अलावा समुद्री और अन्य परिवहन खर्चों में बढ़ोतरी से कुल लागत पर अतिरिक्त दबाव बना है।

 

प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सरकार आम लोगों की परेशानियों को समझती है और बढ़ती कीमतों से होने वाले असर को लेकर चिंतित भी है। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने से सरकार को भी दुख है, लेकिन मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में लागत बढ़ना एक बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने लोगों से अंतरराष्ट्रीय हालात को समझने की अपील करते हुए कहा कि कीमतों में बदलाव के पीछे कई ऐसे कारक हैं जो घरेलू नियंत्रण से बाहर हैं।

 

गौरतलब है कि हाल ही में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 942 रुपये तक पहुंच गई है। इससे पहले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में भी वृद्धि दर्ज की गई थी। कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी का असर होटल, रेस्तरां और खाद्य कारोबार से जुड़े व्यवसायों पर भी देखा गया था।

 

ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ लंबे समय से यह मानते रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और एलपीजी की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ता है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है। ऐसे में वैश्विक स्तर पर सप्लाई बाधित होने या परिवहन लागत बढ़ने की स्थिति में घरेलू बाजार पर भी असर दिखाई देता है।


 

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