अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के मद्देनजर नोएडा में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर कड़ा कर दिया गया है। संभावित धरना-प्रदर्शनों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 लागू कर दी है, जो 8 मई तक प्रभावी रहेगी। गौतमबुद्धनगर पुलिस ने औद्योगिक क्षेत्रों, प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में व्यापक सुरक्षा योजना लागू की है। पूरे कमिश्नरेट को 11 जोन और 49 सेक्टर में विभाजित कर प्रत्येक क्षेत्र में अलग-अलग पुलिस टीमें तैनात की गई हैं। इसमें नोएडा, सेंट्रल नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लिए विशेष रूप से अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की गई हैं, ताकि हर गतिविधि पर करीबी नजर रखी जा सके।
जिले के 50 से अधिक संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए निगरानी की जा रही है। कंट्रोल रूम से राजपत्रित अधिकारी लगातार हालात की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और फील्ड में तैनात टीमों से रियल-टाइम अपडेट लिया जा रहा है। साथ ही, पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लोगों को नियमों और प्रशासनिक निर्देशों की जानकारी दी जा रही है। कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए बाहरी जनपदों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। सुरक्षा ड्यूटी में 6 एसपी, 14 एडिशनल एसपी, 30 डिप्टी एसपी समेत करीब 1800 से अधिक पुलिसकर्मी और 10 कंपनी पीएसी तैनात की गई है। इस बार बड़ी संख्या में महिला पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भी ड्यूटी में शामिल किया गया है, जिससे संवेदनशील स्थितियों को संभालने में मदद मिल सके।
पुलिस की मोबाइल टीमें लगातार विभिन्न क्षेत्रों में गश्त कर रही हैं। हर सेक्टर में सतर्कता बढ़ा दी गई है और संभावित भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया जा सके। गौरतलब है कि 14 अप्रैल को नोएडा में विभिन्न कंपनियों के श्रमिकों द्वारा वेतनवृद्धि की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया था, जो बाद में हिंसक हो गया था। इस दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की थी। साथ ही, सरकार ने स्थिति को देखते हुए वेतन वृद्धि का निर्णय भी लिया था।
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