>रामपुर - उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले से शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। एक तरफ जहां एक युवती न्याय की आस लेकर पुलिस स्टेशन पहुंची थी, वहीं दूसरी ओर उस पर भरोसा करने वाले वर्दीधारी ने ही भरोसे को तार-तार कर दिया। मिलक थाना क्षेत्र के दारोगा उदयवीर सिंह पर आरोप है कि उन्होंने रेप पीड़िता से पूछताछ के बहाने उसका नंबर लिया और फिर उससे रात में फोन कर अश्लील बातें और चैटिंग शुरू कर दी।
>इस घटना ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। पीड़िता द्वारा दी गई शिकायत और स्क्रीनशॉट के आधार पर एसपी ने आरोपी दारोगा और कांस्टेबल को तत्काल निलंबित कर दिया है। मामले की जांच शाहबाद के क्षेत्राधिकारी को सौंपी गई है।
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>कहानी न्याय की तलाश से अश्लीलता तक
>रामपुर के मिलक थाना क्षेत्र की यह घटना तब सामने आई जब एक युवती ने थाने में रेप की शिकायत दर्ज कराई। जांच अधिकारी बनाए गए दारोगा उदयवीर सिंह ने "पूछताछ" के नाम पर पीड़िता से उसका फोन नंबर लिया। लेकिन कुछ ही घंटों में इस नंबर का दुरुपयोग शुरू हो गया। रात में पीड़िता को फोन कर अश्लील बातें की गईं और आपत्तिजनक मैसेज भेजे गए।
>व्हाट्सएप चैट डिलीट करवाने की कोशिश
>जब पीड़िता ने यह बात अपनी मां को बताई, तो परिवार ने दोबारा वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की। इस बात की भनक जब दारोगा को लगी तो उसने एक कांस्टेबल सरफराज को पीड़िता के घर भेजकर फोन से व्हाट्सएप चैट डिलीट करवाने की कोशिश की। लेकिन पीड़िता ने पहले ही स्क्रीनशॉट सेव कर लिए थे, जो अब साक्ष्य बन चुके हैं।
>दारोगा और कांस्टेबल दोनों सस्पेंड
>पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई करते हुए दारोगा और कांस्टेबल दोनों को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। इस घटना से उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि को गहरी ठेस पहुंची है और सवाल उठ रहे हैं कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो पीड़ितों को इंसाफ कैसे मिलेगा?
>पीड़िता पर राजीनामा का दबाव
>पीड़िता का कहना है कि दारोगा की हरकत सामने आने के बावजूद अब भी उसे डराया जा रहा है और राजीनामा करने का दबाव डाला जा रहा है। उसने मांग की है कि आरोपी दारोगा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और उसे न्याय मिले।
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