>शिक्षक दिवस 2025 ने उत्तर प्रदेश के शिक्षा जगत में नया इतिहास रच दिया। राजधानी के लोकभवन सभागार में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न सिर्फ 81 गुरुजनों को राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया, बल्कि शिक्षा को डिजिटल और सामाजिक कल्याण से जोड़ते हुए कई बड़ी घोषणाएँ भी कीं।
>कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा के 66 और माध्यमिक शिक्षा के 15 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। शिक्षकों को स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र, शाल और 25 हजार रुपये की धनराशि भेंट की गई।
>समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि अब प्रदेश के सभी शिक्षकों को कैशलैस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। चाहे वे प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, वित्त पोषित विद्यालयों से जुड़े हों या शिक्षा मित्र, अनुदेशक और रसोइया हों सभी को इस योजना से जोड़ा जाएगा।
इस घोषणा से प्रदेश के करीब 9 लाख परिवार सीधे लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि “गुरुजन समाज की रीढ़ हैं और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा ही शिक्षा के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है।”
>सीएम योगी ने 1236 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास का लोकार्पण किया और 2204 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को टैबलेट वितरित किए। इसके साथ ही एससीईआरटी की ‘गुल्लक’ और ‘उद्गम’ पुस्तिका का विमोचन और ‘उद्गम’ के डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया गया।
>कार्यक्रम में यह भी प्रदर्शित किया गया कि किस तरह समर कैंप और वृक्षारोपण आधारित लघु फिल्म बच्चों को व्यवहारिक शिक्षा के साथ पर्यावरणीय जागरूकता भी दे रही है।
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बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि योगी सरकार स्मार्ट क्लास, गुणवत्तापूर्ण कंटेंट और समान शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
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माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा, “शिक्षक विद्यार्थी को विद्वान बनाता है और गुरु उसे महान। नकल माफिया पर सख्ती से कार्रवाई कर शिक्षा में ईमानदारी को सुनिश्चित किया गया है।”
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>शिक्षक दिवस 2025 सिर्फ एक सम्मान समारोह नहीं बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और नवाचार के संगम का प्रतीक बन गया। योगी सरकार की यह पहल न सिर्फ गुरुजनों का मान बढ़ाती है, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य को भी डिजिटल और सुरक्षित दिशा में आगे बढ़ाती है।
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