>उत्तर प्रदेश में बालवाटिका शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में मंगलवार को राज्यव्यापी ऑनलाइन मदर ओरिएंटेशन उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बालवाटिका और आंगनबाड़ी स्तर के संबंधित अधिकारियों और शिक्षकों को परिवार की सहभागिता आधारित सीख मॉडल पर प्रशिक्षित किया गया।
>यह ऑनलाइन सत्र बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के नेतृत्व में आयोजित हुआ, जिसमें नोडल SRG, नोडल शिक्षक संकुल, प्रधानाध्यापक, बालवाटिका नोडल अध्यापक, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और पुष्टाहार विभाग की सुपरवाइजर्स शामिल हुए। सत्र का मुख्य फोकस 3 से 6 वर्ष के बच्चों की प्रारंभिक सीख, भाषा-विकास, व्यवहारिक आदतों और घर-आधारित गतिविधियों में मातृभूमिका को केंद्र में रखने पर रहा।
>कार्यक्रम के तहत मातृभाषा में संवाद, सरल कहानी-कथन, खेल-आधारित सीख और गुणवत्तापूर्ण समय बिताने जैसे तरीकों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को मासिक मदर ओरिएंटेशन सत्रों की संरचना, गतिविधियों तथा क्रियान्वयन के चरणबद्ध निर्देश भी दिए गए।
>बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के अनुसार - मदर ओरिएंटेशन कार्यक्रम प्री-प्राइमरी शिक्षा की गुणवत्ता को परिवार की सहभागिता से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम है। बच्चे की शुरुआती सीख, पोषण और व्यवहार को दिशा देने में माँ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
>महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि यह राज्यव्यापी उन्मुखीकरण माता-बच्चा संवाद, घर-आधारित सीख और बालवाटिका गतिविधियों को सुदृढ़ करेगा तथा को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में NEP-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन में मददगार होगा।
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