Sunday, 25 October 2026 | Lucknow | 29°C

Karwa Chauth 2026: करवा चौथ पर छलनी से क्यों देखा जाता है चांद? जानें पौराणिक कथा

Karwa Chauth 2026: करवा चौथ का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखती हैं।
Bureau
Bureau News Desk
25 Oct 2026
02:30 PM
1 min read
Karwa Chauth 2026: करवा चौथ पर छलनी से क्यों देखा जाता है चांद? जानें पौराणिक कथा
सोर्स-फाइल फोटो
हाइलाइट्स
वीरवती की कथा से जुड़ी है छलनी से चंद्र दर्शन की परंपरा
भाइयों ने दीपक को चांद बताकर खुलवाया व्रत
पति की लंबी आयु की कामना से जुड़ी है करवा चौथ की परंपरा
करवा चौथ पर चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही क्यों खोला जाता है व्रत?

Karwa Chauth 2026:  करवा चौथ का पावन पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखती हैं। करवा चौथ श्रद्धा, विश्वास और वैवाहिक प्रेम का प्रतीक माना जाता है। परंपरा के मुताबिक करवा चौथ के दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार कर चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं और चंद्रमा के दर्शन के बाद ही व्रत खोला जाता है। पूजन के दौरान महिलाएं छलनी से पहले चांद को देखती हैं और फिर उसी छलनी से पति का चेहरा देखती हैं। इस परंपरा के पीछे एक पौराणिक कथा जुड़ी हुई है।

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक करवा चौथ पर सुहागिन महिलाओं के छलनी से चंद्रमा देखने की परंपरा वीरवती की कथा से जुड़ी है। कथा के अनुसार वीरवती नाम की स्त्री ने पति की लंबी आयु के लिए करवा चौथ का व्रत रखा था। दिनभर निर्जल उपवास रखने के चलते शाम को उसकी तबीयत खराब होने लगी। बहन की बिगड़ती तबीयत को देख वीरवती के भाई परेशान हो गये। उनसे बहन का कष्ट देखा नहीं गया। कथा के मुताबिक वीरवती के भाइयों ने पेड़ पर एक दीपक जलाया और उसके सामने छलनी रख दी। दूर से देखने पर उस दीपक की रोशनी चांद जैसी ही दिखी।

वीरवती से उसके भाइयों ने कहा कि देखो बहन, चंद्रमा निकल आया है और वह दर्शन करके व्रत खोल सकती है। भाइयों की बात पर भरोसा कर वीरवती ने छलनी से उसी दीपक की रोशनी को देखा और पारण किया। मान्यता के मुताबिक गलत समय पर व्रत खोलने के चलते वीरवती के पति की मृत्यु हो गई। जब वीरवती को करवा चौथ के दिन गलत समय पर व्रत खोलने की जानकारी हुई तो उसे बहुत दुखी हुआ। पौराणिक कथा के मुताबिक इसके बाद वीरवती ने पूरे विधि-विधान के साथ दोबारा व्रत किया तथा विधिवत पूजा-अर्चना की। वीरवती की सच्ची निष्ठा से प्रसन्न होकर देवकृपा से उसके पति को पुनर्जीवन मिला।  

Explore Related Topics

Karwa Chauth 2026 Karwa Chauth Story Karwa Chauth Vrat Katha

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

इस खबर को खबर पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

ऐसी ही खबरों के लिए निचे स्क्रॉल करें

या होम पेज पर लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए क्लिक करें →

Related News