>उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने महिला सुरक्षा को केवल नारा नहीं, बल्कि एक संकल्प बनाकर जमीन पर उतारा है। 2017 में सत्ता संभालने के बाद से ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की बहनों-बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी। आज प्रदेश महिला अपराधों के निस्तारण, महिला पुलिस बल की नियुक्ति, आधुनिक टेक्नोलॉजी आधारित निगरानी और मिशन मोड अभियानों में देश में मिसाल बन चुका है।
>हर जिले में एंटी रोमियो स्क्वायड का गठन कर महिला छेड़छाड़ के मामलों पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की गई। साथ ही, प्रत्येक जिले में एक महिला थाना और एक अतिरिक्त थाना महिला थानाध्यक्ष की अगुवाई में संचालित हो रहा है, जो महिला शिकायतों के प्रति संवेदनशील और सशक्त रवैया प्रस्तुत करता है।
>99.42% मामलों का निस्तारण
>महिला एवं बाल अपराधों के निस्तारण के आंकड़े यह सिद्ध करते हैं कि प्रदेश में अपराधियों को कोई ढील नहीं दी जा रही। 99.42% अभियोगों का निस्तारण हुआ, जिसमें 27,425 महिला अपराध, 11,254 पॉक्सो केस और 3,775 दहेज हत्या के मामलों में आरोपियों को सजा दिलाई गई।
>महिला पुलिस बल में रिकॉर्ड नियुक्तियाँ
>पुलिस बल में 2,20,450 नई नियुक्तियों में से 27,178 महिलाएं शामिल हैं। इनके लिए 10,378 महिला बीट बनाई गई हैं। महिला पीएसी बटालियन को रानी अवंतीबाई, ऊदा देवी और झलकारीबाई जैसी वीरांगनाओं के नाम से गठित किया गया है, जो लखनऊ, बदायूं और गोरखपुर में कार्यरत हैं।
>बदली कार्यशैली
>महिला एवं बालिकाओं की सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति 5.0, ऑपरेशन बचपन, ऑपरेशन शील्ड, ऑपरेशन गरुड़, ऑपरेशन रक्षा, जैसे कई प्रभावी अभियानों को जमीनी स्तर पर लागू किया गया। यह अभियान न केवल अपराध रोकने में बल्कि जनजागरूकता में भी क्रांतिकारी भूमिका निभा रहे हैं।
>रात में अकेली महिला को एस्कॉर्ट सेवा
>रात 10 से सुबह 6 बजे तक किसी भी निर्जन स्थान पर कॉल करने पर पीआरवी महिला एस्कॉर्ट सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। अब तक हजारों महिलाओं को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाया गया, जो प्रदेश की महिला-हितैषी सोच का प्रमाण है।
>सेफ सिटी और स्मार्ट पुलिसिंग
>सेफ सिटी परियोजना के तहत प्रमुख शहरों में सीसीटीवी निगरानी, 100 पिंक पुलिस बूथ, 1090 सेवा का यूपी-112 से एकीकरण, और डिजिटल एनालिटिक्स सेंटर जैसे कदम उठाए गए। UP COP ऐप और प्रहरी बीट पुलिसिंग ऐप जैसे डिजिटल टूल्स महिलाओं को त्वरित सेवा देते हैं।
>यूपी-112
>प्रदेश की आपातकालीन सेवा यूपी-112 ने रिकॉर्ड समय में प्रतिक्रिया देने और औसतन 30,000 कॉल्स प्रतिदिन रिसीव कर सहायता देने का कीर्तिमान बनाया है। इसके साथ बॉडी वॉर्न कैमरों, PSARA पोर्टल, और IO ऐप जैसी पहलें पुलिसिंग को आधुनिक बना रही हैं।
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