>उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री एस.पी. गोयल ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की और प्रदेश में चल रहे ‘जीरो पावर्टी अभियान’ एवं उर्वरक आपूर्ति व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करते हुए कड़े निर्देश जारी किए।
>मुख्य सचिव ने कहा कि अभियान के पहले चरण में यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र परिवार सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे।
>सात प्राथमिकता वाली योजनाओं — राशन कार्ड, दिव्यांगजन पेंशन, विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आवास योजना तथा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत छूटे हुए लाभार्थियों को एक माह के भीतर आच्छादित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी चिह्नित परिवारों के नाम राशन कार्ड में दर्ज किए जाएं और सीएम या पीएम आवास योजना के अंतर्गत आवेदन सुनिश्चित हो।
>मुख्य सचिव ने बताया कि अभियान के द्वितीय चरण में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, शौचालय निर्माण, पेयजल कनेक्शन, विद्युत कनेक्शन, शिक्षा, और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना जैसी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा।
>उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी अनाथ बच्चों को बाल सेवा योजना में नामांकित किया जाए, और हर बालक-बालिका का स्कूल में नामांकन तथा कन्या सुमंगला योजना में पंजीकरण सुनिश्चित हो।
>बैठक में किसानों को उर्वरक की निर्बाध आपूर्ति को लेकर भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में
डीएपी का 2.27 लाख मीट्रिक टन,
एनपीके का 1.63 लाख मीट्रिक टन,
>और एसएसपी का 0.50 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त स्टॉक उपलब्ध है।
>उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को प्रतिदिन समीक्षा करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि
- विक्रय केंद्रों पर स्टॉक 7.5 मीट्रिक टन से कम न हो,
- किसी केंद्र पर कमी या कालाबाजारी की स्थिति न बने,
- किसानों को प्रत्येक बिक्री के बाद रसीद अनिवार्य रूप से दी जाए।
>मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि यूरिया के अनधिकृत डायवर्जन पर कड़ी निगरानी रखी जाए, विशेषकर सीमावर्ती जिलों में।
>बैठक में अपर मुख्य सचिव (महिला कल्याण) लीना जोहरी, प्रमुख सचिव (नियोजन) आलोक कुमार, तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
>मुख्य सचिव ने कहा, “प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी गरीब, किसान या बच्चा योजनाओं से वंचित न रहे। जीरो पावर्टी की दिशा में यह अभियान एक निर्णायक कदम है।”
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