अम्बेडकरनगर। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत किसानों से धान की सरकारी खरीद की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। किसानों की उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदने और खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने जिले में 99 धान क्रय केंद्रों को मंजूरी दी है। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों से धान की खरीद की व्यवस्था की जाएगी।
जिलाधिकारी के निर्देश पर संबंधित सरकारी एजेंसियों को खरीद सत्र शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि किसानों को फसल बेचने के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो और धान की तौल तथा गुणवत्ता जांच के लिए जरूरी संसाधन पहले से उपलब्ध रहें।
प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक जिले में अलग-अलग सरकारी एजेंसियों के माध्यम से कुल 99 धान क्रय केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। उपलब्ध केंद्रवार विवरण में खाद्य विभाग के 42, पीसीएफ के 35, पीसीयू के 19, मंडी समिति के दो और भारतीय खाद्य निगम का एक क्रय केंद्र शामिल है।
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इन केंद्रों की कुल संख्या 99 है। केंद्रों का संचालन संबंधित एजेंसियों के माध्यम से किया जाएगा। प्रशासन ने खरीद व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों और एजेंसी प्रभारियों को समय रहते आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
धान खरीद की सरकारी व्यवस्था के तहत किसानों की उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाना है। प्रशासन की ओर से खरीद प्रक्रिया को सुगम और पारदर्शी बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
इसके लिए स्वीकृत क्रय केंद्रों पर खरीद से संबंधित जरूरी व्यवस्थाएं पहले से पूरी करने को कहा गया है। प्रशासन का उद्देश्य है कि खरीद सत्र शुरू होने के बाद किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें।
किसानों के लिए सरकारी खरीद व्यवस्था में केंद्रों की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिले के अलग-अलग हिस्सों में विभिन्न सरकारी एजेंसियों के माध्यम से क्रय केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
प्रशासन ने संबंधित क्रय एजेंसियों को सभी अनुमोदित केंद्रों पर केंद्र प्रभारियों की नियुक्ति जल्द से जल्द करने के निर्देश दिए हैं। एजेंसियों से नियुक्त किए गए केंद्र प्रभारियों की सूची उपलब्ध कराने को भी कहा गया है।
केंद्र प्रभारी धान खरीद की स्थानीय व्यवस्था के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ऐसे में प्रशासन ने खरीद सत्र शुरू होने से पहले उनकी तैनाती पूरी करने पर जोर दिया है।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि केंद्रों से जुड़ी तैयारियों को निर्धारित समय में पूरा किया जाए, जिससे खरीद प्रक्रिया शुरू होने के बाद व्यवस्थागत समस्या सामने न आए।
धान की खरीद के दौरान तौल और गुणवत्ता जांच के लिए जरूरी उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों से केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक कांटा, नमी मापक यंत्र और छलना समेत आवश्यक उपकरण समय रहते उपलब्ध कराने को कहा है।
धान की तौल और गुणवत्ता से जुड़ी प्रक्रिया खरीद व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए इन उपकरणों की उपलब्धता खरीद सत्र शुरू होने से पहले सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि क्रय केंद्रों पर आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था समय से पूरी होनी चाहिए, ताकि खरीद प्रक्रिया के दौरान किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
क्रय केंद्रों के सुचारू संचालन के लिए रूट चार्ट तैयार करने को भी कहा गया है। संबंधित एजेंसियों को खरीद केंद्रों से जुड़े रूट चार्ट और संपूर्ण विवरण तैयार कर अधोहस्ताक्षरी कार्यालय में प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।
रूट चार्ट और केंद्रों से संबंधित जानकारी पहले से तैयार करने का उद्देश्य खरीद व्यवस्था को व्यवस्थित तरीके से संचालित करना है। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को इस काम को भी खरीद सत्र शुरू होने से पहले पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीद सत्र शुरू होने से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएं। इसमें क्रय केंद्रों की तैयारी, केंद्र प्रभारियों की तैनाती, तौल और गुणवत्ता जांच के उपकरणों की उपलब्धता तथा रूट चार्ट तैयार करना शामिल है।
प्रशासन के निर्देशों के अनुसार संबंधित एजेंसियों को अपने-अपने केंद्रों पर आवश्यक तैयारियों की जिम्मेदारी पूरी करनी होगी। इसका उद्देश्य खरीद प्रक्रिया को निर्धारित व्यवस्था के तहत संचालित करना है।
प्रशासन की ओर से जारी जानकारी में छह सरकारी एजेंसियों के माध्यम से धान खरीद की तैयारी का उल्लेख किया गया है। उपलब्ध विवरण में खाद्य विभाग, पीसीएफ, पीसीयू, मंडी समिति और भारतीय खाद्य निगम के केंद्रों का संख्या-वार ब्योरा दिया गया है।
इन पांच के लिए उपलब्ध आंकड़ों को जोड़ने पर कुल 99 केंद्र बनते हैं—खाद्य विभाग के 42, पीसीएफ के 35, पीसीयू के 19, मंडी समिति के दो और भारतीय खाद्य निगम का एक केंद्र।
एडीएम ज्योत्स्ना बंधु ने बताया कि धान खरीद शुरू होने से पहले सभी एजेंसी प्रभारियों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में केंद्रों की व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने, केंद्र प्रभारियों की तैनाती करने और खरीद से जुड़े जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
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