जनगणना की तैयारियों के तहत आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया जब प्रतिभागी शिक्षकों को दिए गए लंच पैकेट में कथित तौर पर बासी और बदबूदार भोजन परोसा गया। घटना के बाद शिक्षकों और कर्मचारियों ने नाराजगी जताते हुए भोजन लेने से इनकार कर दिया और संबंधित वेंडर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
अमेठी जिले के गौरीगंज तहसील अंतर्गत जामो ब्लॉक सभागार में जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी शामिल हुए थे। दोपहर के भोजन अवकाश के दौरान जब लंच पैकेट वितरित किए गए, तो कई शिक्षकों ने पैकेट खोलते ही भोजन से तेज दुर्गंध आने की शिकायत की। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने नाराजगी व्यक्त की और भोजन को अनुपयोगी बताते हुए उसे फेंक दिया।
शिक्षकों का आरोप है कि परोसा गया भोजन न केवल निम्न गुणवत्ता का था, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हो सकता था। शिक्षक संघ के अध्यक्ष राम नंद द्विवेदी ने कहा कि भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब थी और उसमें से असहनीय बदबू आ रही थी। वहीं प्रशिक्षण में शामिल शिक्षक ओम नारायण पांडेय ने बताया कि खराब भोजन के कारण सभी प्रतिभागियों ने खाना फेंक दिया और मामले की जांच की मांग की।
शिक्षक संघ की ओर से इस मामले की शिकायत गौरीगंज के उप जिलाधिकारी तक पहुंचाई गई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गौरीगंज की उप जिलाधिकारी प्रीति तिवारी ने बताया कि शिकायत मिलते ही तहसीलदार को मौके पर जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि संबंधित वेंडर गौरीगंज, शाहगढ़ और जामो तीनों ब्लॉकों में भोजन की आपूर्ति कर रहा था, हालांकि शिकायत फिलहाल केवल जामो ब्लॉक से प्राप्त हुई है।
प्रशासन के अनुसार भोजन के नमूने मंगवाकर जांच कराई जा रही है और यदि जांच में गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो वेंडर का भुगतान रोका जाएगा और उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में मई माह से जनगणना की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है, जिसके पहले चरण में मकान गणना और उसके बाद जनसंख्या गणना कराई जाएगी।
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