>उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से आई एक घटना ने ना सिर्फ मानवता को शर्मसार किया है बल्कि राजनीति और प्रशासनिक गठजोड़ की ओर भी इशारा किया है। आरोप है कि एक गरीब और विधवा महिला कमला देवी की 80 लाख रुपये मूल्य की जमीन को महज़ 90 हजार रुपये में हड़प लिया गया — वो भी बिना रकम दिए। इस पूरे मामले में भाजपा नेता और व्यापार मंडल अध्यक्ष महेश सोनी की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
>मानसिक रूप से अस्वस्थ बेटे से करवाया बैनामा
>मामला अमेठी कोतवाली क्षेत्र के मुराई का पुरवा, जंगल रामनगर का है, जहां की निवासी विधवा कमला देवी ने आरोप लगाया है कि उनके मानसिक रूप से कमजोर बेटे जंगजीत से 16 नवम्बर 2024 को जमीन का बैनामा सिर्फ 90 हजार रुपये में करवा लिया गया, जबकि जमीन की वास्तविक कीमत करीब 80 लाख रुपये है। सबसे गंभीर बात यह है कि इस राशि का भुगतान भी नहीं किया गया और इसके बाद जमीन को कई हिस्सों में बांटकर अन्य लोगों के नाम बैनामा कर दिया गया।
>भाजपा नेता की भूमिका पर सवाल
>इस पूरे प्रकरण में स्थानीय भाजपा नेता महेश सोनी का नाम लगातार सामने आ रहा है। एक अन्य आरोपी राकेश पासी ने खुलकर कहा कि उसने महेश सोनी के कहने पर यह सौदा किया था और बाद में प्रशासनिक दबाव और धमकियों की वजह से ज़मीन का आधा हिस्सा शेखर नामक व्यक्ति की पत्नी के नाम कर दिया। 29 मई 2025 को महेश सोनी कंस्ट्रक्शन की ओर से एक खाताधारक को 4 लाख रुपये का NEFT भी किया गया है, जिससे उनकी संलिप्तता के संकेत मिलते हैं।
>प्रशासन से लगाई गुहार
>कमला देवी, जिनका पति और तीन बेटे पहले ही दिवंगत हो चुके हैं, अपने एकमात्र मानसिक रूप से अस्वस्थ बेटे के सहारे जीवन यापन कर रही हैं। अब इस जमीन पर भी कब्जा हो गया है। उन्होंने बताया कि मृत बेटे की कब्र को भी उखाड़ दिया गया, और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। स्थानीय पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके बाद वह संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम के सामने पेश हुईं और जमीन वापस दिलाने की मांग की।
>प्रशासनिक प्रतिक्रिया
>एसडीएम आशीष कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और अमेठी कोतवाली प्रभारी को निर्देशित किया गया है कि वे निष्पक्ष जांच करें। जांच रिपोर्ट के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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