>गोरखपुर पुलिस ने नौकरी और सरकारी ठेका दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले एक गैंग का भंडाफोड़ किया है। आरोपियों ने खुद को फर्जी आईएएस अधिकारी बताकर कई राज्यों में लोगों से बड़ी रकम ऐंठी। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो एआई की मदद से फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों को ठगते थे। जांच में अब तक 40 से अधिक लोगों से दो करोड़ से ज्यादा की ठगी का अनुमान सामने आया है।
>पुलिस को संदेह है कि हाल ही में रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 से बरामद 99.99 लाख रुपये भी इसी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी ललित किशोर उर्फ गौरव सिंह (सीतामढ़ी), अभिषेक कुमार (सीतामढ़ी) और परमानंद गुप्ता (गोरखपुर) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी प्रोटोकॉल, निजी गनर्स और वाहनों का इस्तेमाल कर खुद को अधिकारी बताकर भरोसा जीतते थे।
>जांच में सामने आया कि बिहार के एक कारोबारी से 450 करोड़ का ठेका दिलाने के नाम पर पांच करोड़ रुपये और दो इनोवा कारें ली गईं। रेलवे स्टेशन पर बरामद कैश की जांच के दौरान भी इसी गिरोह का नाम उजागर हुआ था। एसपी सिटी अभिनव त्यागी के अनुसार आरोपियों के पास से 4.5 लाख रुपये नकद, 60 लाख रुपये के आभूषण, पासपोर्ट, पासबुक, एटीएम कार्ड, लैपटॉप और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। गिरोह के खिलाफ आगे की कार्रवाई जारी है।
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