भीषण गर्मी और उमस के बीच राजधानी में बिजली संकट लगातार गहराता जा रहा है। देर रात राजाजीपुरम क्षेत्र के आरडीएसओ उपकेंद्र पर बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज लोगों ने उपकेंद्र का घेराव कर वहां तैनात एसएसओ को बंधक बना लिया और बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया, जिसके बाद देर रात बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार देर रात करीब साढ़े ग्यारह बजे आरडीएसओ उपकेंद्र क्षेत्र की बिजली आपूर्ति अचानक ठप हो गई। उमस भरी गर्मी से परेशान लोग लगातार उपकेंद्र के सीयूजी नंबर पर संपर्क करने का प्रयास करते रहे, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर लोगों में नाराजगी बढ़ती गई। रात करीब एक बजे बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपकेंद्र पहुंच गए और वहां विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
स्थिति बिगड़ती देख उपकेंद्र पर तैनात एसएसओ ने जूनियर अभियंता, उपखंड अधिकारी और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। काफी देर तक चले हंगामे के बाद बिजली कर्मचारियों ने फाल्ट को ठीक किया और रात करीब ढाई बजे आपूर्ति बहाल कर दी गई।
उधर पुराने लखनऊ के चौक क्षेत्र में भी बिजली संकट को लेकर लोगों का आक्रोश देखने को मिला। पाटा नाला, मंसूर नगर समेत कई इलाकों में लंबे समय तक बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से परेशान लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों का कहना था कि लगातार बढ़ती गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति बाधित होने से रातभर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अयोध्या रोड स्थित कमता क्षेत्र में अंडरग्राउंड केबल फाल्ट के कारण पूरी रात बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। वहीं मटियारी चौराहे पर ट्रांसफार्मर जलने की घटना के बाद आसपास के इलाकों में आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बिजली विभाग के अनुसार भीषण गर्मी के चलते राजधानी में बिजली की मांग सत्रह सौ मेगावाट के पार पहुंच गई है। बढ़ते लोड के कारण ट्रांसफार्मर में आग लगने, केबल फाल्ट और ब्रेकडाउन जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसका असर शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी दिखाई दे रहा है, जहां बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या बनी हुई है।
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