उत्तर प्रदेश की राजनीति में महाराजा सुहेलदेव को लेकर दिए गए एक बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है। AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली की टिप्पणी के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है और तत्काल माफी की मांग की है।
बयान पर बढ़ा विवाद: मामला तब तूल पकड़ गया जब शौकत अली ने बहराइच में आयोजित एक बैठक के दौरान महाराजा सुहेलदेव को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस बयान के बाद राजभर समाज में नाराजगी देखी जा रही है और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं।
राजभर का कड़ा रुख: ओम प्रकाश राजभर ने शौकत अली के बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी समाज की भावनाओं को आहत करने वाली है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शौकत अली ने जल्द माफी नहीं मांगी, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू किया जाएगा।
इतिहास का दिया हवाला: राजभर ने अपने बयान में कहा कि महाराजा सुहेलदेव ने विदेशी आक्रमणकारियों के खिलाफ संघर्ष किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इतिहास को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और ऐसे बयानों से सामाजिक तनाव बढ़ सकता है।
अन्य दलों से भी प्रतिक्रिया की मांग: इस मुद्दे पर ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के नेताओं से भी प्रतिक्रिया देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि ये दल महाराजा सुहेलदेव को मानते हैं, तो उन्हें इस बयान की निंदा करनी चाहिए।
क्या था विवादित बयान: जानकारी के अनुसार, शौकत अली ने बहराइच में एक कार्यक्रम के दौरान महाराजा सुहेलदेव को ‘लुटेरा’ बताते हुए मसूद गाजी को ‘योद्धा’ कहा था। इसी बयान के बाद विवाद शुरू हुआ और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला तेज हो गया है।
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