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बनारस में ज्ञानेश कुमार ने मोदी को जीताने का काम किया - अजय राय ने किया ज्ञानेश कुमार पर हमला

अजय राय ने मतदाता सूची में नाम काटे जाने का आरोप लगाया और आगरा समेत कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई का मुद्दा उठाया।
Bureau
Bureau News Desk
29 Sep 2026
03:52 PM
1 min read
बनारस में ज्ञानेश कुमार ने मोदी को जीताने का काम किया - अजय राय ने किया ज्ञानेश कुमार पर हमला
हाइलाइट्स
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ज्ञानेश कुमार पर कई आरोप लगाए।
राय ने मतदाता सूची से नाम काटे जाने का आरोप लगाया और गरीब एवं झोपड़पट्टी में रहने वाले लोगों का मुद्दा उठाया।
उन्होंने उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में कांग्रेस के प्रदर्शन का दावा किया।
आगरा, सहारनपुर और गोरखपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमों का भी उन्होंने जिक्र किया।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने मतदाता सूची में नाम काटे जाने, चुनाव आयोग की भूमिका और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमों का मुद्दा उठाया। राय ने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर अपना विरोध जारी रखेगी।

अजय राय का यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया है। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने जिला स्तर पर प्रदर्शन कर मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को उठाया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजय राय ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से लोगों के नाम काटे जा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से गरीब और झोपड़पट्टी में रहने वाले लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का दावा किया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार मतदाता सूची की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रही है। राय ने राहुल गांधी के गरीबों के बीच पहुंचने का जिक्र करते हुए कहा कि वहां लोगों को यह दिखाया गया कि उनके वोट कैसे काटे गए। मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच विवाद पिछले कुछ समय से राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। कांग्रेस इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठा रही है, जबकि चुनाव आयोग ने प्रक्रिया को कानूनी प्रावधानों के तहत किए जाने की बात कही है।

अजय राय ने कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन लोकतांत्रिक तरीके से और शांतिपूर्ण ढंग से किए गए थे। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया के खिलाफ आवाज उठाने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। राय ने प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने इससे पहले लखनऊ में भी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बैरिकेडिंग के जरिए आगे बढ़ने से रोका और कई नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था।

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अजय राय ने आगरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हत्या के प्रयास, घर में घुसने और दंगा जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। राय ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ता ज्ञानेश कुमार के घर नहीं गए थे, इसके बावजूद उन पर इस तरह की धाराएं लगाई गईं। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के घर पर लगे सीसीटीवी कैमरों का उल्लेख करते हुए कहा कि रिकॉर्डिंग में यह देखा जा सकता है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ऐसा क्या किया था, जिसके आधार पर इतनी गंभीर धाराएं लगाई गईं। आगरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की स्वतंत्र रिपोर्टों में भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास के बाहर प्रदर्शन का उल्लेख है। रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान घर के गेट और दीवारों पर आपत्तिजनक नारे लिखे गए थे, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर सुरक्षा बढ़ाई।

अजय राय ने अपने बयान में सहारनपुर और गोरखपुर का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि सहारनपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ आठ धाराएं लगाई गईं, जबकि गोरखपुर में नौ धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए। राय ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं को मारा-पीटा और अपमानित किया जा रहा है। इन आरोपों के संबंध में अजय राय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस का पक्ष रखा। उपलब्ध बयान में पुलिस या संबंधित प्रशासन की ओर से इन विशेष धाराओं और आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।

अजय राय ने चुनाव आयोग की संवैधानिक भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि आयोग की जिम्मेदारी निष्पक्ष चुनाव कराना है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कांग्रेस के हित में नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में मतदाता सूची से नाम हटाए जा रहे हैं और इसे लेकर कांग्रेस लगातार विरोध कर रही है। कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रियाओं को कानूनी और निर्धारित प्रक्रिया के तहत बताया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग ने मतदाता सत्यापन और नाम हटाने की प्रक्रिया को लेकर लगाए गए राजनीतिक आरोपों को खारिज किया है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजय राय ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार एक राजनीतिक दल की तरह काम कर रहे हैं और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। राय ने एक पूर्व अधिकारी को चुनाव लड़ने का लालच दिए जाने का भी आरोप लगाया। हालांकि, उनके बयान में इस आरोप के समर्थन में कोई दस्तावेज या स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में इन मामलों की जांच होगी और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह अजय राय का राजनीतिक बयान है और इसे आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

अजय राय ने वाराणसी का जिक्र करते हुए कहा कि बाबा विश्वनाथ की नगरी में ज्ञानेश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिताने का काम किया। राय ने अपने बयान में वर्ष 2024 के वाराणसी लोकसभा चुनाव से जुड़े अपने आरोपों को भी दोहराया। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया और परिणामों को लेकर सवाल उठाए। वाराणसी लोकसभा सीट पर 2024 के चुनाव में नरेंद्र मोदी ने अजय राय को हराया था। इस चुनाव में मोदी की जीत का अंतर करीब 1.52 लाख मत रहा था। कांग्रेस नेता अजय राय ने बाद में भी चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं।

अजय राय ने कहा कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। उन्होंने विशेष रूप से हत्या के प्रयास जैसी धारा लगाए जाने का मुद्दा उठाया और कहा कि इसमें आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। उन्होंने दंगा भड़काने से संबंधित धाराओं का भी जिक्र किया।

राय का कहना था कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाए थे, लेकिन उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए। लखनऊ में हालिया कांग्रेस प्रदर्शन के दौरान भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी थी। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी और कई नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था।

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