अंबेडकरनगर। नशा मुक्ति भारत अभियान के तहत अंबेडकरनगर जिले के विभिन्न विद्यालयों में विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के लिए पहल की गई। इस दौरान बच्चों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने स्वयं नशे से दूर रहने और समाज में भी नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने में सहयोग करने की शपथ ली।
जिले के अलग-अलग विद्यालयों में आयोजित गतिविधियों में विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने को लेकर संकल्प लिया। कार्यक्रमों के दौरान बच्चों को बताया गया कि नशे का प्रभाव केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर परिवार और सामाजिक जीवन पर भी पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों ने स्वयं जागरूक रहने के साथ अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया।
नशा मुक्ति भारत अभियान के तहत कंपोजिट यूपीएस विद्यालय बसहिया में विद्यार्थियों ने शपथ ग्रहण की। बच्चों ने नशे से दूर रहने का संकल्प लिया और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने की बात कही।
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विद्यालय में आयोजित इस पहल के दौरान विद्यार्थियों को नशे से जुड़े दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। शपथ के माध्यम से बच्चों को व्यक्तिगत स्तर पर नशे से दूरी बनाए रखने तथा सामाजिक स्तर पर जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।
इसी क्रम में कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय पिपरी बिशनपुर में भी विद्यार्थियों ने नशा मुक्ति की शपथ ली। बच्चों ने नशे से दूर रहने और नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने में सहयोग करने का संकल्प लिया।
विद्यालय स्तर पर आयोजित इस गतिविधि में विद्यार्थियों की भागीदारी रही। अभियान का उद्देश्य बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देना और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करना रहा।
प्राथमिक विद्यालय बैरमपुर में भी विद्यार्थियों को नशे के कारण होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी गई। बच्चों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक प्रभावों के बारे में बताया गया।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने स्वयं नशे से दूर रहने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। इस तरह अभियान में व्यक्तिगत जागरूकता के साथ परिवार और समुदाय तक संदेश पहुंचाने पर भी जोर रहा।
नशा मुक्ति भारत अभियान के तहत विद्यालयों में आयोजित इस पहल का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना रहा। विद्यार्थियों को नशे से होने वाले विभिन्न प्रकार के नुकसान की जानकारी देकर उन्हें इससे दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया।
विद्यालयों को बच्चों और युवाओं तक सामाजिक जागरूकता के संदेश पहुंचाने का माध्यम बनाया गया। अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने शपथ के जरिए नशे से दूरी बनाए रखने तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के बारे में बताने का संकल्प लिया।
प्राथमिक विद्यालय बैरमपुर में बच्चों को विशेष रूप से नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी दी गई। अभियान के दौरान नशे को लेकर जागरूकता बढ़ाने और इसके दुष्प्रभावों से बचने का संदेश दिया गया।
विद्यार्थियों ने इस दौरान केवल स्वयं नशे से दूर रहने का संकल्प नहीं लिया, बल्कि परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की जिम्मेदारी निभाने की बात कही। इससे अभियान का संदेश विद्यालय परिसर से बाहर परिवार और समुदाय तक पहुंचाने पर भी जोर दिखाई दिया।
विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए जागरूक किया गया। विद्यार्थियों की शपथ और संकल्प का उद्देश्य उन्हें नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा नशे के खिलाफ जागरूकता गतिविधियों में सहयोग के लिए प्रेरित करना रहा।
अभियान के तहत बसहिया, पिपरी बिशनपुर और बैरमपुर के विद्यालयों में विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने की शपथ ली। साथ ही, बच्चों ने अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने का संकल्प लिया।
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