लखनऊ के सदर तहसील चिनहट चिनहट क्षेत्र में मंगलवार को भरवारा में श्मशान घाट के लिए जमीन आवंटित करने की मांग को लेकर किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में किसानों ने श्मशान घाट के लिए जमीन आवंटित करने के साथ ही संबंधित भूमि को श्मशान घाट के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने की मांग उठाई। प्रदर्शन का नेतृत्व तहसील प्रधान अशोक यादव ने किया।
किसानों ने अपनी मांगों को लेकर तहसील प्रशासन के समक्ष ज्ञापन भी रखा। प्रदर्शन के दौरान गोमतीनगर विस्तार थाना क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से बातचीत की। इसके बाद एसडीएम ने सात दिन के भीतर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद किसानों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
किसानों का मुख्य मुद्दा भरवारा क्षेत्र में श्मशान घाट के लिए जमीन के उचित आवंटन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने मांग रखी कि क्षेत्र में श्मशान घाट के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाए, ताकि ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े।
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किसानों ने यह भी मांग की कि श्मशान घाट के लिए निर्धारित भूमि को राजस्व अभिलेखों में श्मशान घाट के नाम से दर्ज किया जाए। उनका कहना था कि भूमि का उचित आवंटन और राजस्व अभिलेखों में उसका दर्ज होना इस व्यवस्था से जुड़े प्रमुख मुद्दे हैं।
यह मांग लेकर किसान सदर तहसील चिनहट पहुंचे और प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखी। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपा, जिसमें उनकी मांगों को दर्ज कराया गया।
प्रदर्शन भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले आयोजित किया गया। इसका नेतृत्व तहसील प्रधान अशोक यादव ने किया। संगठन के बैनर तले किसानों ने तहसील परिसर में अपनी मांगों को लेकर धरना दिया।
किसानों ने भरवारा क्षेत्र में श्मशान घाट के लिए जमीन आवंटित करने और जमीन को राजस्व अभिलेखों में श्मशान घाट के नाम दर्ज कराने की मांग प्रशासन के सामने रखी।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन से इस मामले में आवश्यक कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीणों के लिए अंतिम संस्कार से संबंधित सुविधा उपलब्ध कराने के लिए भूमि आवंटन का मुद्दा उठाया।
किसानों ने प्रदर्शन के दौरान अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन तहसील प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से भरवारा क्षेत्र में श्मशान घाट के लिए जमीन आवंटित करने और संबंधित भूमि को राजस्व अभिलेखों में श्मशान घाट के नाम दर्ज कराने की मांग रखी गई।
स्थानीय स्तर पर भूमि से जुड़े मामलों में राजस्व अभिलेख महत्वपूर्ण होते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए किसानों ने भूमि के अभिलेखीय दर्जे का मुद्दा भी प्रशासन के सामने रखा। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि संबंधित भूमि के वर्तमान राजस्व रिकॉर्ड में किस प्रकार की प्रविष्टि दर्ज है।
किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए गोमतीनगर विस्तार थाना क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और किसानों से बातचीत की। प्रशासनिक अधिकारियों ने बातचीत के जरिए स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान किसी अप्रिय घटना का उल्लेख नहीं है।
किसानों और अधिकारियों के बीच बातचीत के दौरान उनकी मांगों पर चर्चा हुई। इसके बाद एसडीएम की ओर से मामले में सात दिन के भीतर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया।
मामले में एसडीएम ने किसानों को सात दिन के भीतर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रशासन की ओर से मिले इस आश्वासन के बाद किसानों ने अपना धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सात दिन की अवधि में श्मशान घाट के लिए जमीन आवंटन और उसे राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने से संबंधित आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
फिलहाल, उपलब्ध सूचना में यह विवरण नहीं दिया गया है कि सात दिन के भीतर किस स्तर पर कौन-सी प्रक्रिया पूरी की जाएगी या भूमि आवंटन के लिए कौन-सा स्थान निर्धारित किया गया है।
भरवारा क्षेत्र से जुड़े इस मामले में किसानों की मांग मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर है। पहला, श्मशान घाट के लिए जमीन का उचित आवंटन किया जाए। दूसरा, संबंधित भूमि को राजस्व अभिलेखों में श्मशान घाट के नाम दर्ज किया जाए।
किसानों ने इस मांग को तहसील प्रशासन के समक्ष ज्ञापन के जरिए रखा। उनका कहना है कि क्षेत्र में श्मशान घाट की व्यवस्था होने से ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए परेशानी नहीं होगी।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह नहीं बताया गया है कि वर्तमान में भरवारा के ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए किस स्थान का इस्तेमाल करते हैं या इस संबंध में पहले प्रशासन के स्तर पर कोई प्रक्रिया चल रही थी या नहीं।
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