पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मिली बहुमत के बाद अब राज्य में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष और समाजवादी परिवार की छोटी बहू अपर्णा यादव के बयान ने इस सस्पेंस को और बढ़ा दिया है। कन्नौज दौरे पर पहुंचीं अपर्णा यादव ने साफ कहा कि पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका निर्णय भारतीय जनता पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा।
अपर्णा यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि बंगाल में सरकार गठन को लेकर पार्टी नेतृत्व उचित समय पर फैसला करेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व संगठन और जनता की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री का चयन करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव परिणामों के बाद विपक्ष की बेचैनी साफ दिखाई दे रही है और यह राजनीतिक बदलाव का संकेत है।
पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा को लेकर भी अपर्णा यादव ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार हिंसक घटनाओं की खबरें सामने आ रही हैं, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी से जुड़े लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। उनके अनुसार कई स्थानों पर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के करीबी लोगों के साथ मारपीट और हमलों की घटनाएं सामने आई हैं।
अपर्णा यादव ने कहा कि बंगाल में लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास करने वाली ताकतें अब सत्ता से बाहर हो चुकी हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी विकास और सुशासन के एजेंडे पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि गंगा से गंगासागर तक विकास और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार लगातार काम कर रही है।
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