>उत्तर प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था और स्थिर प्रशासनिक माहौल के चलते राज्य उद्योग और निवेश के लिए तेजी से आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। इसी क्रम में सीआईआई के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की।
>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीआईआई के अध्यक्ष श्री राजीव मेमानी, अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक, इण्डिया ग्लाइको लिमिटेड, श्री उमाशंकर भरतिया तथा श्री सुनील मिश्रा ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उद्योग प्रतिनिधियों ने प्रदेश में बदलते औद्योगिक वातावरण और नीतिगत सुधारों पर अपनी बात रखी।
>प्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में प्रदेश का गवर्नेंस सिस्टम और प्रशासनिक ढांचा पहले की तुलना में अधिक प्रभावी और पारदर्शी हुआ है। जमीन पर परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही प्रक्रियागत बाधाएं कम हुई हैं और निवेशकों को समयबद्ध निर्णय मिल रहे हैं।
>बैठक में उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के विजन पर भी चर्चा हुई। उद्योग प्रतिनिधियों ने इस लक्ष्य को हासिल करने में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। डिक्रिमिनलाइजेशन विधेयक के लागू होने और निवेश-अनुकूल नीतियों के चलते उद्योग जगत का भरोसा प्रदेश में और मजबूत हुआ है।
>प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि एक्सप्रेसवे नेटवर्क, औद्योगिक कॉरिडोर, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स हब और बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से राज्य का औद्योगिक इकोसिस्टम सुदृढ़ हुआ है। इससे विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और सेवा क्षेत्र को गति मिली है।
>सिंगल-विंडो सिस्टम ‘निवेश मित्र’ के माध्यम से 43 विभागों की 525 से अधिक सेवाएं डिजिटल रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं। समयबद्ध स्वीकृतियों और न्यूनतम भौतिक हस्तक्षेप ने उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को सरल बनाया है। अधिकारियों ने बताया कि निवेश मित्र 3.0 को जल्द लॉन्च करने की तैयारी है, जिसमें एआई और चैटबॉट आधारित सुविधाएं शामिल होंगी।
>उद्योग प्रतिनिधियों ने बताया कि बेहतर कानून व्यवस्था, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और पारदर्शी प्रशासन के कारण उत्तर प्रदेश में नए निवेश और विस्तार योजनाओं को लेकर उद्यमियों में उत्साह बढ़ा है।
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