गाजियाबाद। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के प्रमुख आवासीय बाजारों में शामिल गाजियाबाद में घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए महत्वपूर्ण विकास सामने आया है। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने जनवरी से जून 2026 के बीच जिले की 19 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में लगभग 6,989 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जबकि 9,500 से अधिक नए आवासीय इकाइयों के निर्माण की योजना है।
राज्य में इस अवधि के दौरान रेरा में पंजीकृत 143 नई परियोजनाओं में गाजियाबाद की उल्लेखनीय हिस्सेदारी रही है। नई परियोजनाओं को मंजूरी मिलने से आवासीय विकास, निर्माण गतिविधियों और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।
नई परियोजनाओं के शुरू होने के बाद गाजियाबाद में घर खरीदने के इच्छुक लोगों के लिए आवासीय विकल्पों का दायरा बढ़ेगा। 9,500 से अधिक प्रस्तावित आवासीय इकाइयों के निर्माण से विभिन्न आय वर्गों के खरीदारों को नई परियोजनाओं में निवेश और आवास चुनने का अवसर मिलेगा।
रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि रेरा के तहत पंजीकरण होने से परियोजनाओं में पारदर्शिता बढ़ती है, जिससे खरीदारों का भरोसा मजबूत होता है और परियोजनाओं के समयबद्ध विकास की संभावना भी बढ़ती है।
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गाजियाबाद पहले से ही एनसीआर के तेजी से विकसित हो रहे आवासीय बाजारों में शामिल है। दिल्ली-मेरठ क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस), दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और मेट्रो कनेक्टिविटी जैसी आधारभूत संरचना परियोजनाओं ने जिले को निवेशकों और घर खरीदारों के लिए आकर्षक बनाया है। विशेषज्ञों के अनुसार बेहतर परिवहन नेटवर्क और तेजी से विकसित होती शहरी सुविधाओं के कारण गाजियाबाद में आवासीय परियोजनाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।
जिले में राजनगर एक्सटेंशन, सिद्धार्थ विहार, मधुबन बापूधाम, वेव सिटी, इंदिरापुरम और एनएच-9 कॉरिडोर के आसपास आवासीय परियोजनाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। नई परियोजनाओं के आने से इन क्षेत्रों में आवासीय गतिविधियों को और गति मिलने की संभावना जताई जा रही है।
नई परियोजनाओं के निर्माण से केवल आवासीय विकास ही नहीं, बल्कि निर्माण क्षेत्र से जुड़े कई अन्य उद्योगों को भी काम मिलने की संभावना है। सीमेंट, स्टील, इलेक्ट्रिकल उपकरण, प्लंबिंग, फर्नीचर और निर्माण सामग्री के कारोबार में गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही निर्माण कार्यों से स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
रियल एस्टेट क्षेत्र में रेरा व्यवस्था लागू होने के बाद परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है। इससे घर खरीदारों का विश्वास मजबूत हुआ है और परियोजनाओं के नियामकीय मानकों के अनुरूप विकसित होने की प्रक्रिया को बल मिला है।
एसकेबी ग्रुप गोल्डकोस्ट डेवलपर्स के सीएमडी विकास पुंडीर ने कहा कि रेरा पंजीकरण से परियोजनाओं में पारदर्शिता बढ़ी है, जिससे खरीदारों का विश्वास मजबूत हुआ है। उनके अनुसार यदि नई परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से विकसित होती हैं तो गाजियाबाद एनसीआर के प्रमुख आवासीय बाजारों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।
क्रेडाई गाजियाबाद के अध्यक्ष राकेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि निवेश और आवासीय परियोजनाओं के दायरे में वृद्धि से खरीदारों को अधिक विकल्प मिलेंगे। उनके अनुसार रेरा की व्यवस्था पारदर्शिता और नियामकीय सुरक्षा उपलब्ध कराती है, जो दीर्घकालिक निवेश और आवासीय जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण है।
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