>उत्तर प्रदेश का जेवर अब भारत की सुरक्षा तकनीक का नया केंद्र बन चुका है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी परियोजना — अब देश के सबसे सुरक्षित एयरपोर्ट्स में शामिल होने जा रहा है। यहां अब ऐसा हाईटेक सुरक्षा सिस्टम लगाया गया है, जो किसी भी संदिग्ध वाहन या व्यक्ति को पलक झपकते ही रोकने में सक्षम है।
>नोएडा एयरपोर्ट प्रशासन ने “क्रैश रेटेड बॉलार्ड सिस्टम” को सक्रिय कर दिया है — एक ऐसी तकनीक जो किसी संदिग्ध वाहन को कुछ ही सेकंड में रोकने या पूरी तरह निष्क्रिय करने की क्षमता रखती है। यह सिस्टम एयरपोर्ट के पूर्वी और पश्चिमी दोनों प्रवेश द्वारों पर लगाया गया है ताकि किसी भी अनधिकृत वाहन या व्यक्ति का प्रवेश रोका जा सके। यह सुरक्षा प्रणाली पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार की गई है, जो अब तक केवल कुछ चुनिंदा देशों के बड़े एयरपोर्ट्स पर ही उपयोग की जाती रही है।
>एयरपोर्ट की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को सौंपी गई है। फिलहाल 120 जवानों की तैनाती की गई है, जो एयरपोर्ट के चालू होते ही बढ़ाकर 1047 तक कर दी जाएगी। सुरक्षा बल 350 से अधिक हाई-रेजोल्यूशन कैमरों और AI-आधारित निगरानी प्रणाली की मदद से हर गतिविधि पर 24x7 नजर रखेंगे।
>कैसे काम करता है क्रैश रेटेड बॉलार्ड सिस्टम?
यह सिस्टम सड़क के नीचे लगे मजबूत स्टील के खंभों से बना होता है। जैसे ही कोई वाहन बिना अनुमति घुसने की कोशिश करता है, सेंसर और कैमरे तुरंत अलर्ट होकर खंभों को ऊपर उठा देते हैं, जिससे वाहन वहीं रुक जाता है या नष्ट हो जाता है।
>गेटों पर टायर किलर और बूम बैरियर भी लगाए गए हैं। अगर कोई जबरन अंदर घुसने की कोशिश करता है तो यह सिस्टम सेकंडों में सक्रिय होकर वाहन के टायर पंचर कर देता है। अधिकारियों के मुताबिक, यह व्यवस्था रनवे से एक किलोमीटर पहले ही किसी भी खतरे को निष्क्रिय करने में सक्षम है।
>कर्मचारियों और यात्रियों के लिए “टर्नस्टाइल एक्सेस सिस्टम” लगाया गया है — बिना वैध आईडी कार्ड या फेस रिकग्निशन के कोई भी व्यक्ति प्रवेश नहीं कर सकेगा। इससे सुरक्षा और सुविधा दोनों सुनिश्चित होंगी।
>स्विट्जरलैंड की कंपनी बना रही एयरपोर्ट, दिल्ली-NCR को मिलेगा नया आयाम
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण स्विट्जरलैंड की कंपनी Zurich Airport International द्वारा किया जा रहा है। यह दिल्ली-एनसीआर का दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा। एयरपोर्ट के बन जाने से उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से की कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास में जबरदस्त उछाल आएगा।
>यह एयरपोर्ट फेस रिकग्निशन एंट्री, ऑटोमेटेड बैग ड्रॉप, रीयल-टाइम डेटा ट्रैकिंग और स्मार्ट कार्गो मैनेजमेंट जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा। सुरक्षा और तकनीक का यह संगम इसे देश का सबसे उन्नत एयरपोर्ट बनाएगा।
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