Ambedkar Nagar News: दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही कुम्हारों के चाक तेजी से घूमने लगे हैं। त्योहार को देखते हुए सभी कुम्हार और उनके परिवार दिन-रात मेहनत कर मिट्टी के दीये, खिलौने, कुल्हड़, मटकी, गुल्लक और सुराही तैयार करने में जुटे हुए हैं। वहीं, बाजारों में भी मिट्टी से बने पारंपरिक सामानों की दुकानें सजने लगी हैं। दीपावली को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है और लोग खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं।
दीपावली कुम्हारों के लिए साल का सबसे अहम त्योहार माना जाता है। इस दौरान मिट्टी के दीयों की मांग में भी तेजी आती है। इस बार बाजार में साधारण मिट्टी के 100 दीये 200 रुपये में मिल रहे हैं। वहीं, डिजाइनर दीये 10 रुपये प्रति पीस और बड़े आकार के दीये 15 रुपये प्रति पीस की दर से बेचे जा रहे हैं। इसके अलावा मिट्टी के खिलौनों की कीमत 20 से 50 रुपये तक रखी गई है। कुल्हड़ 300 रुपये में 100 पीस उपलब्ध हैं।
मिट्टी की मटकियों की भी बाजार में अलग-अलग कीमत है। छोटी मटकी 30 से 50 रुपये, मध्यम मटकी 50 से 70 रुपये और बड़ी मटकी 100 से 200 रुपये तक बिक रही है। वहीं, मिट्टी की गुल्लक 30 से 80 रुपये और सुराही 80 से 150 रुपये तक में उपलब्ध है।
कुम्हारों का कहना है कि मिट्टी, ईंधन और मेहनत की लागत बढ़ने के बावजूद वे त्योहार की तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस दीपावली लोग मिट्टी से बने पारंपरिक और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देंगे, जिससे कारीगरों को अच्छी बिक्री और बेहतर आमदनी हो सकेगी।
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