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Ayodhya News: अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारियां देख भावविभोर हुए संत, बोले- योगी सरकार ने दिलाई वैश्विक पहचान

Ayodhya News: रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव-2026 की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार अयोध्या को 30 लाख दीपों से रोशन करने की तैयारी की जा रही है।
Bureau
Bureau News Desk
06 Nov 2026
03:55 PM
1 min read
Ayodhya News: अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारियां देख भावविभोर हुए संत, बोले- योगी सरकार ने दिलाई वैश्विक पहचान
सोर्स - फाइल फोटो
हाइलाइट्स
दीपोत्सव की तैयारियां देख भावविभोर हुए संत
30 लाख दीपों से जगमगाएगी रामनगरी
संतों ने की दीपोत्सव की भव्यता की सराहना
योगी सरकार ने दीपोत्सव को दिलाई वैश्विक पहचान

Ayodhya News: श्रीराम जन्म भूमि अयोध्या में दीपोत्सव-2026 की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार अयोध्या को 30 लाख दीपों से रोशन करने की तैयारी की जा रही है। राम की पैड़ी से लेकर प्रमुख मार्गों और धार्मिक स्थलों तक सजावट का काम चल रहा है। दीपोत्सव की भव्य तैयारियों को देखने के लिए जगतगुरु स्वामी सतीशाचार्य जी महाराज भी अयोध्या पहुंचे। यहां की सजावट और आयोजन की तैयारियां देखकर वह भावविभोर हो गए।

जगतगुरु स्वामी सतीशाचार्य जी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन पर जिस तरह त्रेतायुग में पूरी रामनगरी दीपों से जगमगा उठी थी, आज उसी तरह अयोध्या में दीपोत्सव के माध्यम से उस परंपरा को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार के प्रयासों से दीपोत्सव को देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में पहचान मिली है।

स्वामी सतीशाचार्य जी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में दीपावली का विशेष महत्व है। यहां दीप जलाने की परंपरा केवल उत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आस्था और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। 30 लाख दीपों से अयोध्या को रोशन करने की तैयारी भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की सुंदर झलक पेश कर रही है।

उन्होंने कहा कि दीपोत्सव का असली उद्देश्य केवल बाहर रोशनी करना नहीं, बल्कि लोगों के मन में भी अच्छे विचारों और संस्कारों का प्रकाश फैलाना है। बाहर का दीप तभी सार्थक है, जब हर भारतीय के हृदय में भगवान श्रीराम के आदर्शों का दीप जले।

अयोध्या का स्वरूप देखकर त्रेतायुग की याद आई

संत शशिकांत दास जी महाराज ने भी अयोध्या की सजावट और दीपोत्सव की तैयारियों की सराहना की। उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई 'अवधपुरी प्रभु आवत जानी। भई सकल सोभा कै खानी॥' का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के आगमन की खबर से जिस तरह त्रेतायुग में अयोध्या में खुशियां छा गई थीं, आज रामनगरी का स्वरूप उसी आनंद की याद दिला रहा है।

उन्होंने रामराज्य के आदर्शों का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन प्रेम, भाईचारे, समानता और सद्भाव का संदेश देता है। रामराज्य की कल्पना में किसी के प्रति भेदभाव और बैर की जगह नहीं थी। दीपोत्सव के जरिए इन आदर्शों को समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

युवाओं में बढ़ा धर्म और संस्कृति के प्रति जुड़ाव

संत आकाश दास जी महाराज ने कहा कि साल 2017 से पहले युवाओं के बीच धर्म, सनातन और भारतीय संस्कृति को लेकर बहोत ही चिंताजनक स्थिति थी। युवाओं को अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की जरूरत थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से युवाओं में अपनी संस्कृति के प्रति रुचि बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि आज दीपावली और देव दीपावली जैसे आयोजनों में युवाओं की भागीदारी देखने को मिल रही है। लोग अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को उत्साह के साथ मना रहे हैं। इससे नई पीढ़ी में अपनी संस्कृति को जानने और उसे आगे बढ़ाने का भाव मजबूत हुआ है।

संतों ने कहा कि अयोध्या का दीपोत्सव केवल दीप जलाने का आयोजन नहीं है, बल्कि यह भगवान श्रीराम के जीवन, उनके आदर्शों और भारतीय संस्कृति का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचाने का अवसर भी है।

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