आम आदमी पार्टी में बड़ी बगावत सामने आयी है राघव चड्ढा ने राज्यसभा सांसद संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ प्रेस कांफ्रेंस कर सम्भोधित करते हुए आम आदमी पार्टी छोड़ कर भाजपा में जाने का ऐलान किया उन्होंने ये भी कहा की राज्यसभा में आम आदमी परीत्य के दो तिहाई सांसदों के साथ हम संवैधानिक प्रक्रिया के अंतर्गत भाजपा का हिस्सा बनेंगे इस घटनाक्रम को पार्टी के भीतर बड़ी फुट के रूप में देखा जा रहा है। तीनों सांसदों ने पार्टी नेतृत्व से असहमति जताते हुए अलग होने का फैसला लिया। इस दौरान कुछ अन्य नेताओं के भी बीजेपी में शामिल होने की चर्चा सामने आई है, जिनमें हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, स्वाती मालिवाल और विक्रम साहनी के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
राघव चड्ढा ने पत्रकारों से कहा की उन्होंने आम आदमी पार्टी को खून-पसीने से सींचा है, लेकिन अब पार्टी अपने मूल उद्देश्यों से भटक चुकी है, उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी देशहित के बजाय व्यक्तिगत फायदे के लिए काम कर रही है और भ्रष्टाचार के खिलाफ बनी पार्टी अब समझौता करने वाले लोगों के हाथों में चली गई है। चड्ढा ने यह भी दावा किया कि पार्टी के दस में से सात सांसद उनके साथ है और जल्द ही बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पिछले एक साल से पार्टी की गतिविधियों से दूरी बनाए हुए थे।
इस मौके पर संदीप पाठक ने भी पार्टी से अलग होने की घोषणा करते हुए कहा कि उन्होंने राजनीति में आने का उद्देश्य देश सेवा रखा था। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने सभी निर्णय पार्टी को सर्वोपरि रखकर लिए, लेकिन अब उनके रास्ते अलग हो गए हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में अशोक मित्तल को राज्यसभा में पार्टी का उपनेता बनाया गया था, जबकि इससे पहले यह जिम्मेदारी राघव चड्ढा के पास थी। कुछ समय पहले मित्तल के आवास पर छापेमारी की खबरें भी सामने आई थीं। अब उनका राघव चड्ढा के साथ बीजेपी में शामिल होने का फैसला इस पूरे घटनाक्रम को और महत्वपूर्ण बना रहा है। तीन राज्यसभा सांसदों के एक साथ पार्टी छोड़ने और अन्य नेताओं के भी शामिल होने की अटकलों से आम आदमी पार्टी के भीतर संगठनात्मक स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।
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