राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम क्षेत्र में बिजली चोरी की शिकायत की जांच करने पहुंची विद्युत विभाग की टीम के साथ मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार मामले में अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के मुताबिक, 27 मई 2026 को अवर अभियंता अशोक कुमार वर्मा ने जानकीपुरम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि बिजली चोरी की जांच के दौरान कुछ लोगों ने एकजुट होकर गाली-गलौज, मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डाली। आरोप है कि लोक सेवक के कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा पहुंचाई गई तथा हमला कर चोट पहुंचाई गई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर थाना जानकीपुरम में मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू की। मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर टीमों का गठन किया गया। पुलिस के अनुसार मुखबिर की सूचना पर 28 मई 2026 को जानकीपुरम स्थित बसिक ट्रेडर्स परिसर, नहर रोड से नामजद आरोपी अजय दीक्षित को गिरफ्तार किया गया। आरोपी की पहचान अजय दीक्षित पुत्र महेंद्र दीक्षित निवासी बसिक प्रॉपर्टी, जानकीपुरम के रूप में हुई है। वह पेशे से प्रॉपर्टी डीलर बताया गया है।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए बयान दर्ज कराया। पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उसके खिलाफ पहले भी जानकीपुरम थाने में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज रहा है। पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य वांछित आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक विकास सिंह, दुर्गाविजय सिंह, मुकुल आनंद और हेड कांस्टेबल सर्वेश कुमार शामिल रहे।
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