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संतान की लंबी उम्र के लिए माताओं ने रखा निर्जला व्रत, मंदिरों में रही रौनक

अंबेडकरनगर के शिवबाबा धाम, गायत्री मंदिर और शिवाला घाट समेत विभिन्न धार्मिक स्थलों पर महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा कर संतान के उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना की।
Bureau
Bureau News Desk
03 Oct 2026
04:10 PM
1 min read
संतान की लंबी उम्र के लिए माताओं ने रखा निर्जला व्रत, मंदिरों में रही रौनक
हाइलाइट्स
अंबेडकरनगर में शनिवार को माताओं ने जीवित्पुत्रिका यानी जितिया व्रत रखा।
संतान की लंबी उम्र, उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए महिलाओं ने निर्जला उपवास किया।

अंबेडकरनगर। संतान की खुशहाली और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ शनिवार को जिले में सुबह से ही धार्मिक गतिविधियां शुरू हो गईं। मंदिरों में पहुंचती महिलाएं, पूजा-अर्चना की तैयारियां और समूह में व्रत की परंपराओं का पालन करती माताएं दिनभर धार्मिक स्थलों पर दिखाई दीं। अवसर था जीवित्पुत्रिका व्रत का, जिसे जितिया के नाम से भी जाना जाता है।

अंबेडकरनगर में शनिवार को माताओं ने संतान की लंबी उम्र, उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की मंगलकामना के लिए जीवित्पुत्रिका व्रत रखा। इस अवसर पर व्रती महिलाओं ने दिनभर निर्जला उपवास किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए भगवान की आराधना की तथा अपनी संतान के अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। जीवित्पुत्रिका व्रत माताओं द्वारा संतान की दीर्घायु और कल्याण के लिए रखा जाने वाला धार्मिक व्रत है। जिले में इस अवसर पर महिलाओं के बीच विशेष उत्साह देखने को मिला।

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जीवित्पुत्रिका व्रत के अवसर पर शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुबह से ही महिलाओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। शिवबाबा धाम, गायत्री मंदिर और शिवाला घाट समेत जिले के विभिन्न मंदिरों में महिलाओं ने पहुंचकर पूजा-अर्चना की। व्रती महिलाओं ने धार्मिक विधियों के अनुसार आराधना की और संतान की मंगलकामना के साथ व्रत की परंपराओं का निर्वहन किया। धार्मिक स्थलों पर पूजा के लिए पहुंचीं महिलाओं के चलते दिनभर भक्ति और आस्था का माहौल बना रहा।

जितिया व्रत को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह रहा। कई स्थानों पर महिलाओं ने समूह में पूजा-अर्चना की और एक-दूसरे को व्रत की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान महिलाओं ने धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर दिनभर पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी रहा। व्रत के अवसर पर महिलाओं की भागीदारी और सामूहिक पूजा जिले में धार्मिक आयोजन का प्रमुख दृश्य रही।

जीवित्पुत्रिका व्रत को जितिया या जिउतिया व्रत भी कहा जाता है। यह माताओं द्वारा अपनी संतान की लंबी उम्र, स्वास्थ्य और कल्याण की कामना के लिए रखा जाने वाला पारंपरिक हिंदू व्रत है। इस व्रत में महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं और धार्मिक विधि-विधान के अनुसार पूजा-अर्चना करती हैं। व्रत से जुड़ी परंपराओं का पालन परिवार और स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किया जाता है। अंबेडकरनगर में शनिवार को भी महिलाओं ने इसी धार्मिक परंपरा के तहत उपवास रखा और मंदिरों में पूजा कर संतान के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

जीवित्पुत्रिका व्रत के दौरान अंबेडकरनगर के विभिन्न मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर महिलाओं की उपस्थिति रही। शिवबाबा धाम, गायत्री मंदिर और शिवाला घाट पर पूजा-अर्चना के साथ महिलाओं ने व्रत की परंपराओं का पालन किया। दिनभर निर्जला उपवास रखने वाली महिलाओं ने संतान की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। कई स्थानों पर सामूहिक पूजा और शुभकामनाओं का सिलसिला भी देखने को मिला।

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