मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। दिनभर उतार-चढ़ाव के बीच सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए। बाजार में बैंकिंग और आईटी शेयरों पर दबाव रहा, जबकि फार्मा क्षेत्र के कुछ प्रमुख शेयरों में मजबूती देखने को मिली।
सेंसेक्स 242.65 अंक टूटा
बीएसई सेंसेक्स मंगलवार को 242.65 अंक यानी 0.33 फीसदी गिरकर 72,529.07 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सूचकांक में गिरावट इससे अधिक रही और सेंसेक्स एक समय करीब 708 अंक तक नीचे चला गया था। इसी तरह एनएसई का निफ्टी 50 करीब 64 अंक यानी 0.28 फीसदी की गिरावट के साथ 22,716.20 पर बंद हुआ। कारोबारी सत्र के दौरान निफ्टी में भी काफी उतार-चढ़ाव रहा। इस गिरावट के साथ दोनों प्रमुख सूचकांकों में लगातार दूसरे सत्र दबाव बना रहा।
बाजार में क्यों रही गिरावट?
मंगलवार के कारोबार में कई वैश्विक और घरेलू कारक बाजार पर असर डालते रहे। इनमें कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, अमेरिकी सरकारी बॉन्ड की बढ़ती यील्ड और पश्चिम एशिया में जारी अनिश्चितता प्रमुख रहे। रॉयटर्स के अनुसार, ब्रेंट क्रूड करीब 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रहा, जबकि अमेरिका की 10 साल की ट्रेजरी यील्ड 5.27 फीसदी से ऊपर पहुंच गई, जो करीब 19 साल का उच्च स्तर बताया गया। भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत बढ़ने से आयात बिल, महंगाई और कंपनियों के मार्जिन पर दबाव को लेकर बाजार में चिंता बनी रही।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी दबाव में रही
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली भी प्रमुख कारकों में रही। रॉयटर्स के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को भारतीय शेयरों में करीब 5,353 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की थी। सितंबर में अब तक विदेशी निवेशकों की भारतीय शेयरों में शुद्ध बिकवाली करीब 2.17 अरब डॉलर रही। बढ़ती अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के बीच वैश्विक निवेशकों के लिए अमेरिकी संपत्तियों पर मिलने वाला रिटर्न बढ़ा है। बाजार रिपोर्टों में इसे उभरते बाजारों से विदेशी पूंजी के प्रवाह पर असर डालने वाले कारकों में शामिल किया गया है।
बैंकिंग शेयरों में दबाव
मंगलवार को बैंकिंग शेयर भी दबाव में रहे। प्रमुख बैंकिंग कंपनियों में एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक और बजाज फाइनेंस में कमजोरी दर्ज की गई। रॉयटर्स के मुताबिक, निफ्टी बैंक सूचकांक में करीब 0.4 फीसदी की गिरावट रही। एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे बड़े शेयरों में गिरावट का असर व्यापक बाजार पर भी दिखाई दिया। कारोबारी सत्र के दौरान बैंकिंग शेयरों की कमजोरी प्रमुख बाजार दबावों में शामिल रही।
रिलायंस इंडस्ट्रीज और बड़े शेयरों का हाल
बाजार की प्रमुख कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज भी दबाव में रही। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक और कुछ अन्य बड़े शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। सुबह के कारोबार में रिलायंस इंडस्ट्रीज समेत कई बड़े सूचकांक-आधारित शेयरों में कमजोरी देखी गई थी। बीएसई के प्रमुख शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक और एसबीआई जैसे शेयरों का सूचकांक में महत्वपूर्ण भार है।
आईटी क्षेत्र में भी गिरावट
मंगलवार को आईटी क्षेत्र भी दबाव में रहा। रॉयटर्स के अनुसार, निफ्टी आईटी सूचकांक करीब 1.5 फीसदी नीचे रहा। टीसीएस, इन्फोसिस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसे प्रमुख आईटी शेयर बाजार के दबाव वाले शेयरों में शामिल रहे। बढ़ती अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और वैश्विक बाजारों में कमजोरी के बीच आईटी शेयरों में भी कारोबार प्रभावित हुआ।
फार्मा शेयरों ने दिखाई मजबूती
जहां व्यापक बाजार में गिरावट रही, वहीं फार्मा क्षेत्र के कुछ शेयरों में तेजी देखने को मिली। डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, सन फार्मास्युटिकल्स और सिप्ला जैसे शेयरों में मजबूती रही। कारोबारी सत्र में निफ्टी फार्मा सूचकांक भी बढ़त में रहा। बाजार रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका की ओर से कुछ विशेष दवाओं पर प्रस्तावित 100 फीसदी शुल्क से छूट की खबरों के बाद भारतीय फार्मा कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखी गई।
टाटा समूह के शेयरों में भी दबाव
मंगलवार को टाटा समूह की कई सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में गिरावट रही। टाटा केमिकल्स का शेयर करीब 4.5 फीसदी नीचे आया, जबकि टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन में करीब 2.9 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। बाजार रिपोर्टों में टाटा संस की संभावित सूचीबद्धता को लेकर बदलती परिस्थितियों को इन शेयरों में दबाव से जोड़कर देखा गया।
अडानी समूह के शेयरों में मिला-जुला कारोबार
अडानी समूह की कंपनियों में भी एक समान रुझान नहीं रहा। अडानी पोर्ट्स में मजबूती दर्ज की गई, जबकि बाजार की शुरुआती गतिविधियों में कुछ अन्य अडानी समूह के शेयर दबाव में रहे। बाजार की कुल दिशा गिरावट वाली रहने के बावजूद अलग-अलग कंपनियों के शेयरों में कंपनी-विशेष खबरों और क्षेत्रीय गतिविधियों के आधार पर अलग-अलग उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
13 प्रमुख क्षेत्रों में गिरावट
रॉयटर्स के अनुसार, मंगलवार को 16 प्रमुख क्षेत्रीय सूचकांकों में से 13 में गिरावट रही। छोटे और मझोले शेयरों के सूचकांक भी दबाव में रहे। छोटे शेयरों का सूचकांक करीब 0.8 फीसदी और मिडकैप सूचकांक करीब 1 फीसदी नीचे रहा। इससे संकेत मिलता है कि मंगलवार की कमजोरी केवल सेंसेक्स और निफ्टी तक सीमित नहीं रही, बल्कि व्यापक बाजार में भी गिरावट देखने को मिली।
वैश्विक बाजारों से भी नहीं मिला मजबूत सहारा
भारतीय बाजार को वैश्विक बाजारों से भी मजबूत समर्थन नहीं मिला। मंगलवार को कई एशियाई बाजारों में कमजोरी रही। इससे पहले अमेरिकी बाजार भी सोमवार के कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए थे। अमेरिका में 10 साल की ट्रेजरी यील्ड के 5.27 फीसदी से ऊपर जाने और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी ने वैश्विक बाजारों में मुद्रास्फीति और ब्याज दरों को लेकर चिंता बढ़ाई।
बाजार में उतार-चढ़ाव क्यों बढ़ा?
मंगलवार को बाजार में सामान्य कारोबार के साथ-साथ डेरिवेटिव अनुबंधों की मासिक समाप्ति के कारण भी उतार-चढ़ाव बढ़ा। रॉयटर्स के अनुसार, समापन नीलामी के दौरान निफ्टी के संकेतात्मक स्तर में करीब 2.5 फीसदी तक की तेज गिरावट दिखाई दी, हालांकि अंतिम बंद स्तर इससे काफी अलग रहा। इससे दिनभर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रही।
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