उत्तर प्रदेश में राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्यसभा की 10 सीटों और विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) में उम्मीदवारों के चयन और चुनावी रणनीति को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि विधान परिषद की 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे।
सपा ने चुनावी रणनीति पर चर्चा के लिए 28 सितंबर को अपने विधायकों की बैठक बुलाई है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया है कि बैठक में चुनाव को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। दूसरी ओर, भाजपा भी उम्मीदवारों के नाम तय करने के लिए बैठक करेगी। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, अभी इस संबंध में बैठक नहीं हुई है और उम्मीदवारों के चयन को लेकर संबंधित लोगों से विचार-विमर्श के बाद फैसला किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव होना है। चुनाव आयोग की ओर से घोषित कार्यक्रम के अनुसार इन सीटों के लिए 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर निर्धारित की गई है। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। राज्यसभा की इन सीटों के लिए 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। इसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू की जाएगी। चुनाव प्रक्रिया 19 अक्टूबर तक पूरी की जानी है।
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इन 10 सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। इनमें भाजपा के अरुण सिंह, गीता उर्फ चंद्रप्रभा, नीरज शेखर, बृजलाल, बीएल वर्मा, सीमा द्विवेदी और हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं। समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव और बहुजन समाज पार्टी के रामजी भी उन सदस्यों में शामिल हैं जिनका कार्यकाल समाप्त होने वाला है। इसके अलावा भाजपा नेता डॉ. दिनेश शर्मा के इस्तीफे के बाद उत्तर प्रदेश की एक राज्यसभा सीट पहले से रिक्त है। दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का उपराज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद यह सीट रिक्त हुई थी।
राज्यसभा के चुनाव में उत्तर प्रदेश विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों का संख्या बल महत्वपूर्ण होता है। मौजूदा विधानसभा में भाजपा और उसके सहयोगी दलों के पास बड़ा संख्या बल है, जबकि समाजवादी पार्टी मुख्य विपक्षी दल है। उपलब्ध विधानसभा विवरण के अनुसार भाजपा के साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में अपना दल (सोनेलाल), राष्ट्रीय लोक दल, निषाद पार्टी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी समेत अन्य सदस्य शामिल हैं। सपा के साथ कांग्रेस के विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव के लिए इसी विधानसभा संख्या बल के आधार पर राजनीतिक दल उम्मीदवारों के चयन और चुनावी रणनीति तैयार करते हैं। ऐसे में दोनों प्रमुख दलों के लिए उम्मीदवारों के नाम तय करना चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है।
हालांकि, उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। इसलिए इस स्तर पर संभावित उम्मीदवारों या सीटों के बंटवारे को लेकर किसी अंतिम तस्वीर की पुष्टि नहीं हुई है। समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव को लेकर अपने विधायकों की बैठक 28 सितंबर को बुलाने का फैसला किया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी के अनुसार, बैठक में चुनाव की रणनीति पर चर्चा होगी। उम्मीदवारों के चयन और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी पार्टी स्तर पर चर्चा होने की संभावना है। बैठक के बाद पार्टी की ओर से उम्मीदवारों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद की जा रही है, हालांकि अंतिम नाम पार्टी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही तय माने जाएंगे।
भाजपा की ओर से भी उम्मीदवारों के चयन को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि अभी तक इस संबंध में बैठक नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जल्द फैसला किया जाएगा और उम्मीदवारों के चयन में संबंधित लोगों से विचार-विमर्श किया जाएगा। इससे साफ है कि चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद दोनों प्रमुख दलों के स्तर पर उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि, भाजपा और सपा दोनों की ओर से सभी सीटों के लिए अंतिम उम्मीदवार सूची अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए भी द्विवार्षिक चुनाव होगा। इन सीटों में पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन निर्वाचन क्षेत्रों से निर्वाचित मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। विधान परिषद चुनाव के लिए भी 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। इन सीटों के लिए 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। मतगणना 27 अक्टूबर को होगी और चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी की जानी है।
विधान परिषद की जिन 11 सीटों पर चुनाव होना है, उनमें पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हैं। इनमें लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी के स्नातक निर्वाचन क्षेत्र तथा लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन निर्वाचन क्षेत्रों के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल दिसंबर में समाप्त होगा। इन चुनावों की प्रकृति राज्यसभा चुनाव से अलग है। विधान परिषद की इन सीटों के लिए संबंधित स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता मतदान करते हैं। चुनाव कार्यक्रम में नामांकन, जांच, नाम वापसी, मतदान और मतगणना की अलग-अलग तारीखें निर्धारित की गई हैं।
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ विधान परिषद द्विवार्षिक चुनाव से संबंधित आदर्श आचार संहिता भी लागू की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव को छोड़कर उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में इस चुनाव के संबंध में आचार संहिता लागू की गई है। इसका असर चुनाव प्रक्रिया से जुड़े प्रशासनिक और राजनीतिक कार्यक्रमों पर पड़ेगा। निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संबंधित चरण पूरे किए जाएंगे।
विधान परिषद की 11 सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। इनमें लखनऊ खंड स्नातक से अवनीश कुमार सिंह, वाराणसी खंड स्नातक से आशुतोष सिन्हा, आगरा खंड स्नातक से मानवेन्द्र प्रताप सिंह, मेरठ खंड स्नातक से दिनेश कुमार गोयल और इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक से मान सिंह यादव शामिल हैं।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ से उमेश द्विवेदी, वाराणसी से लाल बिहारी यादव, आगरा से आकाश अग्रवाल, मेरठ से श्रीचंद शर्मा, बरेली-मुरादाबाद से हरि सिंह ढिल्लो और गोरखपुर-फैजाबाद से ध्रुव कुमार त्रिपाठी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। आने वाले चुनाव में इन सीटों के लिए नए सदस्यों का निर्वाचन होगा। राजनीतिक दलों के साथ-साथ संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की गतिविधियां भी चुनाव कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेंगी।
राज्यसभा और विधान परिषद के चुनाव कार्यक्रम में सितंबर के अंत से अक्टूबर के अंत तक कई महत्वपूर्ण चरण निर्धारित किए गए हैं। राज्यसभा के लिए 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी, जबकि 6 अक्टूबर नामांकन की अंतिम तारीख होगी। 16 अक्टूबर को मतदान और मतगणना होगी। विधान परिषद की 11 सीटों के लिए भी 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी। 6 अक्टूबर नामांकन की अंतिम तारीख, 7 अक्टूबर नामांकन पत्रों की जांच और 9 अक्टूबर नाम वापसी की अंतिम तारीख है। 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी।
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