Sunday, 27 September 2026 | Lucknow | 29°C

दो दिन की बारिश ने बदली तस्वीर, अम्बेडकरनगर में खेतों से बिजली व्यवस्था तक हुई प्रभावित

धान की बालियां पकने के दौर में होने से किसानों को उत्पादन और गुणवत्ता प्रभावित होने की चिंता, कई गांवों में बिजली कटौती से बढ़ी परेशानी
Bureau
Bureau News Desk
26 Sep 2026
07:02 PM
1 min read
दो दिन की बारिश ने बदली तस्वीर, अम्बेडकरनगर में खेतों से बिजली व्यवस्था तक हुई प्रभावित
सोर्स - संवाददाता रवि दुबे
हाइलाइट्स
अम्बेडकरनगर में लगातार दो दिनों से बारिश हो रही है।
बारिश और तेज हवाओं से कई जगह धान और गन्ने की फसलें गिर गई हैं।
खेतों में जलभराव से फसल नुकसान का खतरा बढ़ा है।
पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से कुछ क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है।

अम्बेडकरनगर जिले में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बारिश के साथ चली तेज हवाओं का असर खेतों में खड़ी फसलों पर भी दिखाई दिया है। कई जगह धान और गन्ने की फसलें जमीन पर गिर गई हैं।

WhatsApp Image 2026-09-26 at 18.38.26.jpeg

फसल गिरने के साथ खेतों में पानी भरने से किसानों के सामने नुकसान से बचाने की चुनौती बढ़ गई है। दूसरी ओर, बारिश और तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने की सूचनाएं हैं, जिससे कुछ गांवों में विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।

बारिश और तेज हवा के कारण जिले के कई इलाकों में खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसलें गिर गई हैं। धान की फसल इस समय कई खेतों में पकने के दौर में है। ऐसे में फसल के जमीन पर गिरने से किसानों को दाने की गुणवत्ता और उत्पादन प्रभावित होने की चिंता है।

WhatsApp Image 2026-09-26 at 18.40.24.jpeg

गन्ने की फसल को भी बारिश और तेज हवा का असर झेलना पड़ा है। खेतों में गन्ने के पौधों के गिरने से किसानों की परेशानी बढ़ी है। लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी जमा होने से फसल को नुकसान का खतरा और बढ़ गया है।

ये खबर भी पढ़े - अकबरपुर स्टेशन पर अचानक पहुंचे एसपी रेलवे, जीआरपी की ड्यूटी व्यवस्था जांची

किसानों के लिए यह स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि धान और गन्ने की फसल लंबे समय की मेहनत के बाद तैयार होती है। खेतों में फसल गिरने और पानी जमा होने के कारण अब उसे संभालना किसानों के लिए चुनौती बन गया है।

WhatsApp Image 2026-09-26 at 18.38.271.jpeg

लगातार बारिश के कारण कई ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भर गया है। जलभराव के चलते खेतों से पानी निकालने में भी परेशानी हो रही है। बारिश जारी रहने की स्थिति में खेतों में जमा पानी किसानों के लिए अतिरिक्त चिंता का कारण बना हुआ है।

धान की बालियां पकने के दौर में होने के कारण किसान फसल को लेकर विशेष रूप से चिंतित हैं। फसल जमीन पर गिरने के बाद उसे संभालना और खेत से निकालना भी सामान्य स्थिति की तुलना में अधिक कठिन हो सकता है। किसानों के सामने फिलहाल मौसम साफ होने का इंतजार करने और खेतों में गिरी फसल को संभालने की चुनौती है।

बारिश का असर खेती तक सीमित नहीं रहा। तेज हवा और बारिश के दौरान जिले के कई स्थानों पर पेड़ गिरने की सूचनाएं सामने आई हैं। कुछ जगह पेड़ विद्युत लाइनों पर गिर गए, जबकि कहीं बिजली के खंभे टूटने से आपूर्ति बाधित हुई।

कई ग्रामीण इलाकों में बिजली गुल होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर घरेलू कामकाज के अलावा दुकानों और छोटे कारोबार पर भी पड़ा है।

बारिश के बीच क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों और खंभों को ठीक करने में विभागीय कर्मचारियों को भी काम करना पड़ रहा है। जहां रास्तों पर पेड़ या बिजली के तार गिरे हैं, वहां आवागमन भी प्रभावित हुआ है।

ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को एक ओर लगातार बारिश और जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति बाधित होने से परेशानी बढ़ गई है।

बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से घरों के साथ-साथ स्थानीय दुकानों और छोटे कारोबारों पर भी असर पड़ रहा है। ग्रामीणों के लिए टूटे खंभों और क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों की मरम्मत होने तक सामान्य विद्युत आपूर्ति बहाल होने का इंतजार है।

बारिश से प्रभावित किसानों ने क्षतिग्रस्त फसलों का स्थलीय सर्वे कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान हुआ है।

किसानों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान का जायजा लेकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों के लिए नुकसान का वास्तविक आकलन होने के बाद ही स्थिति की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।

बिजली आपूर्ति प्रभावित होने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने विद्युत विभाग से टूटे खंभों और क्षतिग्रस्त लाइनों को जल्द दुरुस्त करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान बिजली कटौती से रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। कई स्थानों पर रास्तों में पेड़ और बिजली के तार गिरने से आवागमन में भी परेशानी सामने आई है।

लगातार बारिश के बीच किसानों की प्राथमिकता अब खेतों में गिरी फसल को बचाने की है। मौसम साफ होने के बाद किसान खेतों में गिरी धान और गन्ने की फसल को संभालने की कोशिश कर सकेंगे।

धान की फसल पकने के दौर में होने के कारण किसान उत्पादन और गुणवत्ता को लेकर चिंतित हैं। वहीं गन्ने की फसल गिरने से भी खेतों में काम बढ़ गया है। बारिश के कारण पैदा हुई स्थिति में फसल नुकसान के साथ जलभराव और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याएं भी ग्रामीण क्षेत्रों में सामने आई हैं।

Explore Related Topics

अम्बेडकरनगर बारिश धान की फसल गन्ने की फसल किसान फसल नुकसान बिजली कटौती जलभराव तेज हवा उत्तर प्रदेश समाचार

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

इस खबर को खबर पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

ऐसी ही खबरों के लिए निचे स्क्रॉल करें

या होम पेज पर लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए क्लिक करें →

Related News