अकबरपुर, अम्बेडकरनगर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन और उच्च शिक्षा में बदलाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के लिए अकबरपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में 25 सितंबर को शिक्षा व्यवस्था से जुड़े दो महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम में कौशल विकास के साथ-साथ अकादमिक नेतृत्व, सुशासन और संस्थागत प्रबंधन पर विचार साझा किए गए। यह कार्यक्रम बी.एन.के.बी.पी.जी. कॉलेज, अकबरपुर में 22 से 30 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है। आयोजन के दौरान विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों के व्याख्यान और प्रतिभागियों के साथ संवाद के सत्र रखे गए हैं।
25 सितंबर को आयोजित पहले सत्र में गोवा विश्वविद्यालय स्थित यूजीसी-मालवीय मिशन-शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र के निदेशक प्रो. राजेंद्र एन. शिरसाट ने ‘स्किल डेवलपमेंट’ विषय पर व्याख्यान दिया। अपने संबोधन में उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के संदर्भ में कौशल आधारित शिक्षा और व्यावहारिक दक्षताओं से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की। सत्र में शिक्षा को विद्यार्थियों की व्यावहारिक क्षमताओं और रोजगारपरक दक्षताओं से जोड़ने की आवश्यकता पर भी बात की गई।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में शिक्षा को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों में ऐसे कौशल विकसित किए जाने की आवश्यकता है, जो बदलती रोजगार और कार्यक्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप उन्हें सक्षम बना सकें। सत्र में कौशल विकास को शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने और विद्यार्थियों में व्यावहारिक दक्षताओं के विकास से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
ये खबर भी पढ़े - अम्बेडकरनगर में 443 जोड़ों की शादी, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में मिला लाभ
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, अलीगढ़ स्थित यूजीसी-मालवीय मिशन-शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र की निदेशक प्रो. फैज़ा अब्बासी ने ‘अकादमिक लीडरशिप, गवर्नेंस एंड मैनेजमेंट’ विषय पर व्याख्यान दिया। इस सत्र में उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रभावी अकादमिक नेतृत्व की भूमिका पर चर्चा की गई। इसके साथ ही सुशासन, उत्तरदायी प्रशासन और बेहतर संस्थागत प्रबंधन से जुड़े पहलुओं को भी विषय का हिस्सा बनाया गया। विशेषज्ञ ने उच्च शिक्षा संस्थानों के संचालन में अकादमिक नेतृत्व और प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को प्रतिभागियों के सामने रखा। सत्र में संस्थागत स्तर पर जिम्मेदार प्रशासन और बेहतर प्रबंधन की भूमिका पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम में देशभर से जुड़े शिक्षक और अन्य प्रतिभागी ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए। विशेषज्ञ वक्ताओं ने सत्र के दौरान प्रतिभागियों की ओर से पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दिए और संबंधित विषयों के विभिन्न पहलुओं को स्पष्ट किया। ऑनलाइन सहभागिता के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों को कौशल आधारित शिक्षा, अकादमिक नेतृत्व और उच्च शिक्षा संस्थानों के प्रबंधन से संबंधित विषयों पर विशेषज्ञों के विचार सुनने का अवसर मिला।
पहले सत्र का संचालन डॉ. अंचल कुमार चौरसिया ने किया। इस सत्र के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. संतोष कुमार वर्मा ने किया। दूसरे सत्र का संचालन डॉ. विनय कुमार यादव ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. धनञ्जय मौर्य द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दोनों सत्रों में विषय विशेषज्ञों ने अपने-अपने विषय से संबंधित बिंदुओं को प्रतिभागियों के सामने रखा और प्रश्नोत्तर के माध्यम से संवाद भी किया।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आयोजित यह कार्यक्रम 22 से 30 सितंबर तक चल रहा है। इसका आयोजन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के मालवीय मिशन-शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी और बी.एन.के.बी.पी.जी. कॉलेज, अकबरपुर के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों के व्याख्यान आयोजित किए जा रहे हैं। 25 सितंबर के सत्रों में कौशल विकास और अकादमिक नेतृत्व को केंद्र में रखा गया।
Explore Related Topics
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें