UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रदेश ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। संचयी रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में उत्तर प्रदेश ने गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। प्रदेश में अब तक 9.53 लाख से अधिक घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं।
यूपी नेडा के निदेशक रविन्दर कुमार के अनुसार 5 नवंबर 2026 तक उत्तर प्रदेश में कुल 9,53,201 रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। अक्टूबर 2026 में भी राज्य ने 75,031 से अधिक सोलर इंस्टॉलेशन के साथ देश में पहला स्थान हासिल किया। इस सफलता के पीछे सरकार की प्रभावी नीतियों, उपभोक्ताओं के बढ़ते विश्वास और संबंधित विभागों के आपसी समन्वय की अहम भूमिका रही है।
पीएम सूर्य घर योजना को सफल बनाने में केंद्र और राज्य सरकार की आर्थिक सहायता महत्वपूर्ण साबित हुई है। दोनों सरकारों ने मिल 8,454.5 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी उपलब्ध कराई है। इसमें केंद्र सरकार की तरफ से 6,254.5 करोड़ रुपये और उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से 2,200 करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त सब्सिडी शामिल है।
राज्य में अब तक स्थापित रूफटॉप सोलर प्लांट की कुल क्षमता 3,167.57 मेगावाट पहुंच गई है। इससे प्रतिदिन लगभग 1.42 करोड़ यूनिट स्वच्छ बिजली उत्पादन का अनुमान है। यदि बिजली की कीमत 6.50 रुपये प्रति यूनिट मानी जाए तो इसकी प्रतिदिन की आर्थिक कीमत लगभग 9.26 करोड़ रुपये बैठती है। इस हिसाब से सालाना करीब 3,380 करोड़ रुपये की बिजली का उत्पादन हो सकता है। इससे पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम होने के साथ उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलेगी।
रूफटॉप सोलर का एक बड़ा फायदा पर्यावरण और भूमि संरक्षण के रूप में सामने आया है। घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाने से बड़े भू-भाग पर सोलर पार्क बनाने की जरूरत कम होती है। आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में स्थापित 3,167.57 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट यदि जमीन पर लगाया जाता तो करीब 12,670 एकड़ भूमि की आवश्यकता होती। रूफटॉप सोलर के कारण इतनी जमीन के उपयोग से बचने में मदद मिली है। इसके अलावा स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन से प्रतिवर्ष लगभग 35 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है।
पीएम सूर्य घर योजना से राज्य में रोजगार और कारोबार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं। उत्तर प्रदेश में 8,700 से अधिक राज्य सूचीबद्ध सोलर वेंडर्स काम कर रहे हैं। इस क्षेत्र में एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर विकसित हुए हैं। सोलर मॉड्यूल, इन्वर्टर, बैटरी, इलेक्ट्रिकल उपकरण, इंस्टॉलेशन, परिवहन और रखरखाव जैसे क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं।
इस पूरी वैल्यू चेन से प्रतिदिन 45 से 50 करोड़ रुपये के व्यावसायिक अवसर पैदा होने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश का तेजी से विकसित होता एक्सप्रेसवे नेटवर्क सौर ऊर्जा उद्योग के विस्तार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यमुना, आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक और गंगा एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान कर रहे हैं।
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