Deepotsav 2026: रामनगरी अयोध्या में 10वें दीपोत्सव का उत्साह चरम पर है। रामपथ पर शनिवार को निकली भव्य शोभायात्रा ने श्रद्धालुओं को त्रेतायुग की याद दिला दी। ढोल-नगाड़ों की गूंज, लोक कलाकारों के नृत्य और जय श्रीराम के उद्घोष के बीच सजीव झांकियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कहीं प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के दिव्य स्वरूप दिखाई दिए तो कहीं बजरंगबली के पराक्रम का प्रदर्शन हुआ। श्रद्धालु इन मनमोहक दृश्यों को देखकर भावविभोर हो उठे।
साकेत महाविद्यालय से पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। लगभग तीन किलोमीटर का सफर तय करके शोभायात्रा रामकथा पार्क पहुंची। इसमें कुल 21 आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। इनमें 14 झांकियां योगी सरकार की उपलब्धियों और सात झांकियां रामायण के सातों कांडों पर आधारित थीं। रामायण की झांकियों में बालकांड के राम जन्म और बाल लीलाओं से लेकर अयोध्याकांड के वनगमन, अरण्यकांड के वनवास, किष्किन्धाकांड के सुग्रीव और हनुमान से मिलन, सुंदरकांड में बजरंगबली के पराक्रम, लंकाकांड के युद्ध और उत्तरकांड के प्रसंगों को खूबसूरती से दर्शाया गया।

शोभायात्रा में प्रदेश की विकास यात्रा को भी विशेष स्थान दिया गया। जल जीवन मिशन, ओडीओपी, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, मिशन शक्ति, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्वच्छ एवं हरित उत्तर प्रदेश और डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर जैसी योजनाओं पर आधारित झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। इसके अलावा विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने पारंपरिक लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को और भव्य बना दिया। महिला कलाकारों ने कंधों पर ढोल रखकर शानदार प्रस्तुति दी।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि अयोध्या का दीपोत्सव अलौकिक, दिव्य और भव्य आयोजन है। यह पर्व अब केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरी दुनिया का उत्सव बन चुका है। उन्होंने कहा कि हर साल दीपोत्सव में नया कीर्तिमान स्थापित करने का प्रयास किया जाता है। इस बार भी नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है।
उन्नाव, जौनपुर और बलरामपुर से आए श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा की जमकर सराहना की। लोगों का कहना था कि रामायण के प्रसंगों का सजीव मंचन और कलाकारों की प्रस्तुतियां बेहद शानदार रहीं। रामपथ पर मौजूद श्रद्धालु हाथ जोड़कर प्रभु श्रीराम के दर्शन करते नजर आए। कहीं जय श्रीराम के नारे गूंज रहे थे तो कहीं भक्तों की आंखें श्रद्धा से नम थीं।
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