Lucknow Triple Murder Case: राजधानी के सआदतगंज थाना क्षेत्र के ब्राह्मणी टोला में आरएसएस लखनऊ पश्चिम के पूर्व सह-कार्यवाह शिवाजी तिवारी, उनके बेटे और भाई की हत्या के मामले में पुलिस ने फरार च रहे आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। तिहरे हत्याकांड के आरोपी राजेश शुक्ला और उसकी भतीजी दिव्या की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किये।
पुलिस उपायुक्त पश्चिम जितेंद्र श्रीवास्तव ने आरोपियों पर इनाम घोषित किया है। उधर, शिवाजी तिवारी के परिवार को सांत्वना देने के लिए लोगों की भीड़ एकत्रित हो रही है। पीड़ित परिवार के घर में गरुड़ पुराण का पाठ चल रहा है। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से परिवार में गहरा शोक है। शिवाजी का अंतिम संस्कार उनकी बुआ के बेटे मनोज ने किया था।
डीसीपी जितेंद्र श्रीवास्तव के अनुसार वारदात के बाद से ही राजेश और दिव्या फरार चल रहे हैं। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पांच टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस उन्नाव, सीतापुर और रायबरेली सहित आसपास के जनपदों में रिश्तेदारों और करीबियों से संपर्क कर रही है। वहीं, हत्याकांड के मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला सहित छह आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। राजेश शुक्ला पर सआदतगंज थाने में गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है। घटना के बाद से ही इलाके तनाव का माहौल बना हुआ है। एहतियात के तौर पर ब्राह्मणी टोला में पुलिस टीम भी तैनात की गयी है।
वहीं आरोपियों के मकान पर बुलडोजर की कार्रवाई न होने से पीड़ित परिवार और इलाके में रहने वाले लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विरोध-प्रदर्शन के बाद एलडीए ने केवल आरोपियों के मकान की एक दीवार का कुछ हिस्सा ही गिराया। लोगों का कहना है कि अगर पूरे मकान पर कार्रवाई नहीं हुई तो दोबारा प्रदर्शन किया जाएगा। डीसीपी के अनुसार मामले में एलडीए अधिकारियों से बातचीत की गई है। प्राथमिक जांच में नजूल और सरकारी रास्ते की जमीन पर दीवार का कुछ हिस्सा बना मिला था, जिसके आधार पर कार्रवाई की गयी। अब मकान के दस्तावेजों और जमीन का मिलान किया जा रहा है। एलडीए ने राजेश शुक्ला, गिरीश शुक्ला और दिनेश शुक्ला को अलग-अलग नोटिस जारी की गयी है और निर्माण से संबंधित स्वीकृत नक्शे और दस्तावेज मांगे हैं।
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